अल्मोड़ा। शासन के सरकारी स्कूलों को सुविधा संपन्न बनाने के दावे धरातल पर नहीं उतर रहे हैं। नया शिक्षा सत्र शुरू हुए तीन माह बीत गए हैं। पर सरकारी स्कूलों में अध्ययनरत करीब 49 हजार बच्चों को अब तक सर्व शिक्षा अभियान के माध्यम से निशुल्क स्कूल ड्रेस नहीं मिल सकी है। जिससे बच्चे बिना ड्रेस के ही स्कूल पहुंच रहे हैं।
सरकार सर्व शिक्षा अभियान के माध्यम से राजकीय प्राथमिक स्कूलों और राजकीय जूनियर हाईस्कूलों में पढ़ने वाले बीपीएल श्रेणी के बालकों, सभी वर्गों की बालिकाओं और अनुसूचित जाति, जनजाति के बच्चों को दो-दो जोड़ी निशुल्क स्कूल ड्रेस दी जाती है। पात्र प्रत्येक छात्र-छात्रा को दो-दो जोड़ी स्कूल ड्रेस देने के लिए चार-चार सौ रुपये की दर से स्कूलों को बजट का आवंटन शिक्षा विभाग करता है। प्रदेश में नया शिक्षा सत्र अप्रैल से प्रारंभ हो गया है, पर अब तक सरकार और शिक्षा विभाग बच्चों को स्कूल ड्रेस नहीं दे पाया है।
जिले के 1407 राजकीय प्राथमिक स्कूलों और 498 जूनियर हाईस्कूलों में पात्र करीब 48,716 बच्चों को स्कूल ड्रेस उपलब्ध कराई जानी है। जिनमें प्राथमिक कक्षाओं के 25171 और जूनियर कक्षाओं के 23545 बच्चे हैं जिन्हें अब तक स्कूल ड्रेस नहीं मिल पाई है। नई ड्रेस नहीं मिलने पर बच्चे पुरानी अथवा बिना ड्रेस के स्कूल पहुंच रहे हैं।