गरुड़(बागेश्वर)। अजीम प्रेमजी विश्वविद्यालय के बंगलूरू के छात्र-छात्राओं ने आठ दिन में 140 किमी की पद यात्रा की। यात्रा का समापन शुक्रवार को बागेश्वर में होगा। यह पद यात्रा जिले की सबसे बड़ी व पहली पद यात्रा होगी।
अजीम प्रेमजी विश्व विद्यालय बंगलूरू के 42 छात्र -छात्राओं के दल ने नौ मई से प्राथमिक विद्यालय तैलीहाट गरुड़ से पद यात्रा शुरू की थी। पद यात्रियों का नेतृत्व अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के कुमाऊं प्रभारी राजीव शर्मा और विपिन जोशी ने किया। पद यात्रा में अजीम प्रेमजी विश्व विद्यालय के बीएससी और बीएड के 42 छात्र छात्राएं शामिल थे।
यात्रा दल ने आठ दिन की यात्रा में अणां, सिलंगतोली, बंतोली, कज्यूली, घांघली, घेटी, पप्या, हरीनगरी, सिमगढ़ी, दाबू, लमचूला, सैलानी, पंद्रपाली, जखेड़ा आदि गांवों के ग्रामीणों से जल, जंगल ,जमीन, शिक्षा, पानी आदि मुद्दों पर बातचीत की। यात्रा दल के सदस्यों की शुक्रवार को बागेश्वर डीएफओ कार्यालय में डीएफओ बीएस शाही और स्थानीय साहसिक दलों के लोगों से बातचीत होगी। बुजुर्ग रंगकर्मी गोपाल दत्त पाठक का कहना है कि जिले में पहली छात्र-छात्राओं ने इतनी लंबी पदयात्रा की।
पहली बार पहाड़ आए हैं अधिकांश पदयात्री
गरुड़ (बागेश्वर)। पद यात्रा दल में उप्र, बंगलूरू, बिहार, उत्तराखंड, मणिपुर, मेघालय, तेलंगाना, तमिलनाडु, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान आदि राज्यों के छात्र छात्राएं शामिल हैं। अधिकांश पद यात्री पहली बार पहाड़ चढ़ने वाले थे। पद यात्रियों का कहना है कि उन्हें पहली बार पहाड़ के जंगलों को नजदीक से देखने का मौका मिला। वनों को आग से बचाने के लिए वन विभाग के अफसरों को जनता के साथ बैठ कर रणनीति तय करनी होगी। ब्यूरो