अल्मोड़ा। लोकसभा चुनाव के लिए उत्तराखंड में नामांकन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। नामांकन के बाद प्रत्याशी चुनाव प्रचार भी शुरू कर देंगे। राज्य में पिछले विधानसभा चुनाव में चुने गए विधायकों पर अपनी पार्टी के प्रत्याशी को लोकसभा चुनाव जितवाने का दारोमदार रहेगा। इन दो सालों में विधायकों द्वारा अपने क्षेत्र में किए गए विकास कार्य चुनाव में काफी मायने रखेंगे और मतदाता को प्रभावित करने के साथ ही प्रत्याशी की जीत-हार में खासा असर डालेंगे।
अल्मोड़ा संसदीय सीट की बात करें तो यहां 14 विधानसभाएं आती हैं। इन सभी विधानसभाओं में पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा और कांग्रेस के विधायक निर्वाचित होकर आए थे। इनमें 11 विधायक भाजपा और तीन विधायक कांग्रेस के शामिल हैं।
जिन विधायकों ने अपने क्षेत्र में विकास कार्य काफी ज्यादा किए हैं उनका फायदा पार्टी से सांसद का चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशी को भी मिलेगा। लेकिन जिन विधानसभा क्षेत्रों में विकास कार्य की अनदेखी हुई है उनमें सांसद प्रत्याशी को जीत के लिए काफी मेहनत करनी होगी। मतदाता भी अपने क्षेत्र में हुए विकास कार्य पर नजर रखे हुए हैं। अन्य पार्टियों और निर्दलीय प्रत्याशियों को जनता में अपना विश्वास कायम करने में काफी मेहनत करनी पड़ेगी।