अल्मोड़ा/रानीखेत। संविधान बचाओ संघर्ष समिति के भारत बंद का अनुसूचित जाति-जनजाति, पिछड़ा वर्ग समुदाय के लोगों ने समर्थन किया है। इसको लेकर यहां हुई बैठक में 13 प्वाइंट रोस्टर लागू करने संबंधी आदेश को संविधान के नियमों का उल्लंघन करार दिया।
बैठक वक्ताओं ने कहा कि विश्वविद्यालयों में 13 प्वाइंट रोस्टर में विश्वविद्यालय को एक यूनिट (संस्था) न मानकर विवि के अधीन विभिन्न विभागों के तहत रिक्त पदों को 13 प्वाइंट रोस्टर से नियुक्त करने के आदेश पारित किए गए हैं। इससे अनुसूचित जाति-जनजाति तथा अन्य पिछड़े वर्गों के योग्य उम्मीदवारों को उच्च शिक्षा के क्षेत्र में जाने से वंचित किया जा रहा है। जो गलत है। उन्होंने पूर्व की तरह 200 प्वाइंट रोस्टर लागू करने की मांग की। उन्होंने इस मामले में प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा। इस मौके पर मामले को लेकर आगामी चुनावों का बहिष्कार करने की धमकी दी गई । बैठक में महेश लाल, महेश चंद्र, हरेंद्र वर्मा, लल्लू लाल, डॉ. संजीव आर्या, परमानंद, टीके वर्मा, मनोज कुमार, हरीश चंद्र, जयप्रकाश, नाथू राम आदि मौजूद थे।
इधर रानीखेत में मूल निवासी संघ की जिला कार्यकारिणी ने प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजकर पूर्व की भांति दो सौ प्वाइंट रोस्टर व्यवस्था को तत्काल लागू करने की मांग की है। कहा कि वर्तमान में 13 प्वाइंट रोस्टर व्यवस्था लागू हुई है। जिससे विश्वविद्यालयों में एससी, एसटी, ओबीसी का प्रतिनिधित्व शून्य हो चुका है। इससे संवैधानिक नियमों का भी उल्लंघन हो रहा है। ज्ञापन भेजने वालों में मूल निवासी संघ के अलावा बामसेफ, एससी एसटी ई एसोसिएशन, आंबेडकर मिशन, शिल्पकार समाज सुधार संघ, शिक्षक एसोसिएशन, अखिल भारतीय एससी एसटी महासंघ के पदाधिकारी भी शामिल रहे।