अल्मोड़ा। नगर में कुली, मजदूरों, राज मिस्त्रियों, श्रमिकों द्वारा लोगों से मनमानी मजदूरी वसूली जाती है। इनकी मनमानी पर अंकुश लगाने के लिए पालिका परिषद निश्चित दूरी तक सामान ढोने और मजदूरी के रेट अब तक तय नहीं कर सकी है। जिसका खामियाजा शहरवासियों को भुगतना पड़ रहा है।
शहर में मजदूर, कुली, श्रमिकों, राज मिस्त्रियों, प्लंबरों समेत नेपाली मजदूरों द्वारा लोगों से कार्य करने के एवज में मनमाने रेट वसूले जाते हैं। जिससे लोगों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। विभिन्न सामाजिक संगठन, राजनीतिक दलों समेत अन्य लोग समय-समय पर इसकी शिकायत जिला प्रशासन और पालिका प्रशासन से भी करते आ रहे हैं। लेकिन इनके द्वारा मनमानी मजदूरी वसूलने पर अंकुश अब तक नहीं लग पाया है। नए बोर्ड का गठन होने के बाद पालिका परिषद ने इस मुद्दे पर कवायद शुरू भी की थी, लेकिन अब तक इसे धरातल पर नहीं उतारा जा सका है। वहीं शहर में काम करने आने वाले मजदूरों के लाइसेंस भी पालिका द्वारा बनाए जाने हैं।
पालिकाध्यक्ष प्रकाश चंद्र जोशी ने बताया कि प्रदेश में किसी भी पालिका में मजदूरी के रेट तय नहीं हैं। अल्मोड़ा पालिका में मजदूरी के रेट तय करने के अधिशासी अधिकारी को निर्देशित किया गया है कि वह श्रम विभाग और जिला प्रशासन के माध्यम से दैनिक मजदूरी के साथ ही भार ढोने और दूरी के अनुसार मजदूरी तय करें, ताकि नगर में मनमानी मजदूरी वसूलने पर अंकुश लग सके।