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11 साल से अतिथि शिक्षकों के सहारे पत्रकारिता विभाग

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अल्मोड़ा। कुविवि एसएसजे परिसर में 11 साल पहले खुला पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग उपेक्षित है। 11 सालों में पत्रकारिता विभाग में शिक्षकों के पद ही सृजित नहीं किए जा सके। अध्ययनरत छात्रों को विषय का ज्ञान देने के लिए अतिथि शिक्षकों से ही काम चलाया जा रहा है। वर्तमान में स्थिति यह है कि यहां छात्रों की संख्या भी घटकर काफी कम हो गई है। छात्रों के भविष्य की चिंता न तो सरकार को रही और न विवि को। विभाग ने इतने साल मानदेय पर अतिथि शिक्षकों के सहारे ही पत्रकारिता विभाग चला दिया।
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2008 में कुविवि एसएसजे परिसर में पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग खोला गया था। इस उम्मीद के साथ की यहां से पास होने के बाद छात्रों को रोजगार उपलब्ध हो सकेगा, लेकिन विभाग को स्थायी शिक्षक नहीं मिल पाने से छात्रों को संबंधित विषय पढ़ने में इन सालों में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा है। विवि प्रशासन ने खानापूर्ति के नाम पर विभाग तो खोल दिया लेकिन शासन स्तर से शिक्षकों के पद सृजित नहीं करा सका। जबकि विभाग में एक प्रोफेसर, एक एसोसिएट और दो असिस्टेंट प्रोफेसर के पद रखे जाने थे।

रोजगारपरक विषय खुलने की खुशी में पूर्व के कुछ साल तक पत्रकारिता और जनसंचार विषय पढ़ने वाले छात्रों की संख्या अच्छी खासी थी। 2008 में ही छात्रों की संख्या 30 से अधिक हो गई थी, लेकिन समय बीतने के बाद यहां छात्र पढ़ने से हिचकिचाने लगे और स्थिति यह है कि आज छात्रों की संख्या घटकर 14 पहुंच गई है और अतिथि शिक्षक के तौर पर केवल एक शिक्षक इस विषय को पढ़ा रहे हैं।
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इधर पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के समन्वयक प्रो. जगत सिंह बिष्ट का कहना है कि विभाग और विवि के माध्यम से लगातार शासन को पद सृजित करने की मांग कई बार की जा चुकी है। शिक्षकों के पद सृजन संबंधित निर्णय अभी तक नहीं हो सका है।
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