अल्मोड़ा। राज्य आंदोलनकारियों की यहां हुई एक बैठक में वक्ताओं ने आरोप लगाया कि राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर जहां एक ओर राज्य के लिए आहुति देने वाले राज्य आंदोलनकारियों को श्रद्धांजलि अर्पित की जा रही है वहीं शासनादेश के बावजूद जीवित राज्य आंदोलनकारियों को कार्यक्रम की जानकारी तक नहीं दी जा रही है। जिससे राज्य आंदोलनकारियों में काफी आक्रोश व्याप्त है। वक्ताओं ने राज्य आंदोलनकारियों की भावना के अनुरूप गैरसैंण को राज्य की स्थायी राजधानी घोषित करने की भी मांग की।
बैठक में राज्य आंदोलनकारी और यूकेडी नेता महेश परिहार ने आरोप लगाते हुए कहा कि निकाय चुनाव की आड़ में जिला प्रशासन ने शासनादेश संख्या 777 -22-10-2018 का उल्लंघन किया है। जबकि राज्य आंदोलनकारियों को प्रशासन पूर्व में जिला मुख्यालय में होने वाले प्रत्येक कार्यक्रम की विधिवत जानकारी देता आया है। ऐसा पहली बार हुआ है कि राज्य आंदोलनकारियों की भारी उपेक्षा हुई है। वक्ताओं ने गैरसैण स्थायी राजधानी करने के अलावा राज्य में रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क आदि की व्यवस्था में सुधार की भी मांग की। बैठक में डीके जोशी, कुंदन भंडारी, बसंत जोशी, शिवराज सिंह, दीवान बनौला, मोहन राम, भानू तिलारा, ब्रह्मानंद डालाकोटी, महेश पांडे, दौलत सिंह आदि शामिल रहे।