अल्मोड़ा। दुग्ध संघ अल्मोड़ा में अब समितियों से आने वाले दूध की जांच पूर्णतया कंप्यूटराइज्ड हो गई है। दुग्ध संघ ने दुग्धशाला में मिल्क एनेलाइजर अल्ट्रासोनिक बाथ सिस्टम को रॉ मिल्क रिसेप्शन डॉग (आरएमआरडी) सॉफ्टवेयर से जोड़ दिया है। दूध की गुणवत्ता की जांच पूर्णतया कंप्यूटराइज्ड करने वाला अल्मोड़ा दुग्ध संघ प्रदेश का पहला दुग्ध संघ है।
दुग्ध संघ अल्मोड़ा के अंतर्गत अल्मोड़ा जिले की 250 और बागेश्वर जिले की 70 दुग्ध समितियां हैं। अल्मोड़ा जिले की 150 और बागेश्वर जिले की 25 समितियां पूर्णतया कंप्यूटराइज्ड हो गई हैं। वर्तमान में दुग्ध संघ द्वारा 13500 लीटर दूध का उपार्जन किया जाता है। समितियों द्वारा दूध इकट्ठा कर दुग्ध संघ अल्मोड़ा लाया जाता है। अब तक समितियों से आने वाली दूध की जांच दुग्ध संघ में मैनवली की जाती थी।
अब दुग्ध संघ ने पातालदेवी स्थित दुग्ध शाला में समितियों से आने वाले दूध की गुणवत्ता की जांच पूर्णतया कंप्यूटराइज्ड शुरू कर दी है। दुग्ध संघ के अध्यक्ष कुंवर सिंह गोसाईं ने बताया कि दुग्धशाला में मिल्क एलेनाइजर अल्ट्रासोनिक बाथ सिस्टम को रॉ मिल्क रिसेप्शन डॉग (आरएमआरडी) सॉफ्टवेयर से जोड़ दिया गया है। उन्होंने बताया कि इस सॉफ्टवेयर के माध्यम से दूध में प्रोटीन, लेक्टोज, पानी की मात्रा, घनत्व, करेक्ट लेक्टोमीटर रीडिंग (सीएलआर), फैट आदि की जांच होगी।