अल्मोड़ा। हीमोफीलिया एक जानलेवा बीमारी है। इस बीमारी में मनुष्य के शरीर में किसी भी स्थान में चोट लगने के बाद लगातार खून बहने लगता है और और उस पर थक्का नहीं जमता। वर्तमान में अल्मोड़ा में इस बीमारी से पीड़ित पांच मरीज हैं जो कि आठ से दस साल के बच्चे हैं। हीमोफीलिया के रोगी के उपचार की व्यवस्था केवल बेस अस्पताल में है। इसके लिए रोगी को निशुल्क इंजेक्शन दिए जाते हैं। रोगी को इसके लिए टोल फ्री नंबर में रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन योजना के तहत जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के प्रयास के बाद हीमोफीलिया के रोगी को बेस अस्पताल में निशुल्क इंजेक्शन उपलब्ध कराए जा रहे हैं, लेकिन रोगियों को पहले टोल फ्री नंबर 104 में मिस काल या काल कर अपना पंजीकरण कराना अनिवार्य है। बाजार में इस बीमारी का इंजेक्शन करीब दो हजार रुपये का है। अल्मोड़ा जिले में धौलादेवी में दो, भिकियासैंण में एक और भैंसियाछाना ब्लॉक में हीमोफीलिया के दो रोगी मिले हैं। जिला कार्यक्रम प्रबंधक एनएचएम दीपक भट्ट ने बताया कि तीन रोगियों ने पंजीकरण करवाया है।