अल्मोड़ा। विशेष सत्र न्यायाधीश डा. ज्ञानेंद्र कुमार शर्मा ने मारपीट के एक मामले में आरोपी प्रताप सिंह रावत पुत्र विशन सिंह निवासी ग्राम थपला तहसील रानीखेत को धारा 323 में दोषी पाया है। जबकि धारा 504, 506 और एससी/एसटी एक्ट में दोषमुक्त किया है। आरोपी को सजा सुनाने के लिए 20 जून की तिथि नियत की है।
तीन अक्तूबर 2017 को कपीना (धमाईजर) पटवारी क्षेत्र ताड़ीखेत निवासी चंद्र प्रकाश पुत्र स्व. तिल राम अपने जीर्ण-शीर्ण मकान की मरम्मत के लिए ताड़ीखेत बाजार से शटरिंग का सामान लेकर अपने घर के ऊपर सड़क पर पहुंचा। सायं पांच से छह बजे के बीच शटरिंग का सामान मजदूर प्रकाश चंद्र और राजेंद्र सिंह सड़क पर उतार रहे थे। इसी दौरान थपला निवासी प्रताप सिंह रावत बैगनार गाड़ी से गनियाद्योली की तरफ से आया। उसने चंद्र प्रकाश से पैसे की मांग की। आरोप था कि उसने चंद्रप्रकाश का कालर पकड़कर मारपीट, गाली गलौच की और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए जान से मारने की धमकी दी। मौके पर मौजूद रमेश राम, प्रकाश चंद्र, राजेंद्र सिंह, प्रेमा देवी ने बीच बचाव किया।
इसके बाद चंद्र प्रकाश और उसकी पत्नी ने शटरिंग का सामान सड़क से घर पर रखा। आरोप था कि पुन: प्रताप सिंह रावत उसके घर आया और गालीगलौच कर जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद डर के मारे चंद्र प्रकाश घर छुप गया। बाद में चंद्र प्रकाश ने एसडीएम रानीखेत को घटना की रिपोर्ट दी। आरोपी के खिलाफ धारा 323, 504, 506, धारा (3) (1)(एक्स) एससी/एसटी एक्ट में आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। मामले का विचारण विशेष सत्र न्यायाधीश अल्मोड़ा के न्यायालय में हुआ। अभियोजन की ओर से छह गवाह न्यायालय में परीक्षित कराए गए। न्यायालय ने आरोपी प्रताप सिंह रावत को धारा 323 में दोषी पाया। सजा सुनाने के लिए 20 जून की तिथि तय की है। अन्य धाराओं में आरोपी को दोष मुक्त किया गया। अभियोजन की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) गिरीश चंद्र फुलारा, सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) शेखर चंद्र नैल्वाल, विशेष लोक अभियोजक भूपेंद्र कुमार जोशी ने प्रभावी पैरवी की।