अल्मोड़ा। जिले के ज्यादातर विद्यालयों में खेल मैदानों का अभाव है। खासकर प्राथमिक स्तर पर एक-दो विद्यालयों में ही खेल मैदान हैं। इस कारण इन विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चे खेलने के लिए तक तरस जाते हैं। खेल मैदान नहीं होने से प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर नहीं मिल पाता है।
पहाड़ों में ग्रामीण क्षेत्रों में खेल मैदान नहीं हैं। पहाड़ की भौगोलिक परिस्थितियां ऐसी हैं कि यहां खेल मैदान का निर्माण करने में काफी लागत आती है। स्थिति यह है कि स्कूल-कालेज तो दूर पहाड़ में जिला स्तर पर भी मानकों के अनुरूप स्टेडियम नहीं हैं।
प्राथमिक शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक 1310 प्राथमिक विद्यालयों में सिर्फ दो-तीन दर्जन विद्यालय ऐसे हैं जहां बच्चों के खेलने के लिए छोटे मैदान हैं। अधिकतर विद्यालयों में सिर्फ प्रार्थना सभा करने के लिए ही जगह है। जूनियर हाइस्कूलों, हाइस्कूलों और इंटरमीडिएट कालेजों के पास भी मानकों के मुताबिक खेल मैदान नहीं हैं, इनमें ज्यादातर छोटे कामचलाऊ मैदान हैं जिनमें थोड़ा बहुत खेल गतिविधियां चलाई जा सकती हैं।