अल्मोड़ा। उत्तराखंड सरकार द्वारा हाल ही में हाइकोर्ट में नियुक्त हुए स्थायी अधिवक्ता, डॉ. सुहास जोशी को संविधान दिवस पर भारत के मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा द्वारा दिल्ली में सम्मानित किया गया। जोशी को यह सम्मान उनके द्वारा संपादित और लेक्सिसनेकसिस इंडिया द्वारा प्रकाशित किताब लॉ ऑन इंडस्ट्रियल डिस्प्यूट्स पर प्राप्त हुआ है। पिछले वर्ष भी जोशी को यह सम्मान उनकी किताब मैन्युअल ऑन कॉन्स्टिट्यूशन ऑफ इंडिया पर मिला था।
मूलत: ग्राम माला (बोरारौ) निवासी और भारतीय संविधान में रुचि रखने वाले डॉ. सुहास जोशी सर्वोच्च न्यायालय में एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड भी हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय से आधुनिक भारत के इतिहास में स्नातकोत्तर करते हुए उन्होंने यूजीसी नेट परीक्षा उत्तीर्ण की। उसके बाद कास्ट डायनामिक्स एंड स्ट्रेटिफिकेशन इन कुमाऊं हिमालयाज विषय पर पीएचडी भी की। बाद में उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से कानून की डिग्री प्राप्त की और इंडियन सोसाइटी ऑफ इंटरनेशनल लॉ, नई दिल्ली से ह्यूमन राइट्स एवं एविएशन लॉ में अलग-अलग परास्नातक ग्रेजुएट डिप्लोमा प्राप्त किया। मालूम हो कि जोशी पूर्व में भारत सरकार में कानून मंत्री रहे डॉ. अश्वनी कुमार एवं दिल्ली उच्च न्यायालय के वर्तमान माननीय न्यायाधीश वी. कामेश्वर राव के सहायक अधिवक्ता भी रह चुके हैं। वह लेक्सिसनेकसिस इंडिया के एडिटोरियल कंसलटेंट भी हैं। प्रसिद्ध इतिहासकार प्रो. महेश्वर प्रसाद के पुत्र डॉ. सुहास जोशी की विद्यालयी शिक्षा बिरला पब्लिक स्कूल, पिलानी, राजस्थान एवं पार्वती प्रेमा जगाती सरस्वती विहार नैनीताल में हुई है।