अल्मोड़ा। विश्व हास्य दिवस पर आईक्यू अस्पताल में हुई गोष्ठी में वक्ताओं ने कहा कि सांस लेना जितना जरूरी है उतना ही हंसना भी। आज की तनावभरी जिंदगी में हंसना बेहद जरूरी है। हंसने से ड्रिपेशन और अन्य मानसिक रोगों पर काबू पाया जा सकता है।
डॉ. जेसी दुर्गापाल ने रोगियों और कर्मचारियों को हंसने की कला सिखाई। उन्होंने चुटकुले सुनाकर सभी को हंसने को मजबूर कर दिया। उन्होंने कहा कि जो कार्य हम दुखी मन से करते हैं उसी को सुखी मन से हंसते हुए कर सकते हैं। अब तो लाफ्टर क्लब बन चुके हैं। चिकित्सक भी दवा के साथ रोगी के साथ मुस्कराकर बात करें तो आधी बीमारी खत्म हो जाएगी।
शारीरिक और मानसिक रोगों में शांति पाने के लिए हंसना बहुत जरूरी है। हंसते हुए काम करने पर कठिन कार्य भी आसान हो जाते हैं। इस मौके पर बालम सिंह, रमेश जोशी, प्रकाश जोशी, रमेश डालाकोटी, पुष्पा सती, रीता दुर्गापाल, डा. सुधा दुर्गापाल ने चुटकले सुनाएं। गोष्ठी में महेश चंद्र, चंद्रमणि भट्ट, डीके जोशी, जीसी जोशी आदि मौजूद थे।