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प्राधिकरण ने होटल का नक्शा पास करने का शुल्क एक करोड़ आंका

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अल्मोड़ा। प्रदेश सरकार पहाड़ से पलायन रोकने के लिए लोगों को पर्यटन, उद्योग और अन्य क्षेत्रों में रोजगार के लिए कई तरह की रियायतें दे रही है, लेकिन हाल ही लागू किए गए जिला विकास प्राधिकरण द्वारा होटल और अन्य व्यवसायिक भवनों के मानचित्र पास करने के एवज में जो शुल्क लगाया जा रहा है उससे पर्वतीय इलाके में पर्यटन और औद्योगिक विकास को आगे बढ़ाने की मुहिम को झटका लग सकता है।
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ताजा मामले में अल्मोड़ा के एनटीडी इलाके में होटल का निर्माण करने के लिए एक व्यवसायी को नक्शा पास करने के लिए प्राधिकरण के इंजीनियर ने सर्वेक्षण के बाद एक करोड़ चार लाख का शुल्क जमा करने की संस्तुति की है। केवल नक्शा पास करने के लिए एक करोड़ से अधिक शुल्क का इस्टीमेट देखकर व्यवसायी के होश उड़ गए हैं। व्यवसायी का कहना है कि सिर्फ मानचित्र पास करने के लिए एक करोड़ देने पड़े तो उन्हें होटल निर्माण के बारे में ही सोचना पड़ेगा।

बता दें कि प्रदेश सरकार ने करीब नौ माह पहले राज्य के हर जिले में जिला विकास प्राधिकरण का गठन कर दिया है। अब नगर और ग्रामीण इलाकों में एनएच, राज्य और जिला मार्गों में सड़क से 200 मीटर की दूरी तक बनने वाले सभी भवनों का मानचित्र पास कराना जरूरी है।
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हालांकि ग्रामीण इलाकों में 200 वर्ग मीटर तक के आवासीय भवनों को शुल्क पर छूट है लेकिन नगरीय क्षेत्र में प्राधिकरण से सभी तरह के भवनों का मानचित्र पास करवाना जरूरी है। पर्वतीय इलाकों में होटल, रेस्टोरेंट सहित पर्यटन के अन्य कार्यों में रोजगार की काफी संभावनाएं हैं और लोग इसके लिए आगे भी आ रहे हैं लेकिन जिला विकास प्राधिकरण ने इन व्यवसायिक गतिविधियों के लिए जो शुल्क निर्धारित किया है उससे इन कार्यों को झटका लगना तय है। एक मामले में अल्मोड़ा निवासी सरोज अग्रवाल पत्नी राम अवतार यहां एनटीडी में करीब 17 नाली (3446 वर्ग मीटर) के अपने प्लॉट में एक होटल का निर्माण करने जा रही हैं।

इस प्लाट के अंतर्गत 400 वर्ग मीटर क्षेत्र में तिमंजिले होटल का मानचित्र पास करने के लिए प्राधिकरण के इंजीनियर ने कुल एक करोड़ चार लाख 18 हजार 543 रुपये के शुल्क का इस्टीमेट बनाकर प्राधिकरण के सचिव के पास भेज दिया है। इसमें 93.14 लाख रुपये तो सिर्फ उच्चीकरण शुल्क ही लगाया गया है। इसके अलावा 6.20 लाख उप विभाजन शुल्क, 2.85 लाख लेबर सेस आदि भी शामिल है। सिर्फ मानचित्र पास करने के लिए एक करोड़ रुपये से अधिक शुल्क का इस्टीमेट देखने के बाद व्यवसायी काफी परेशान है।

उनका कहना है कि नक्शे पास करने के लिए ही एक करोड़ से अधिक शुल्क वसूला गया तो ऐसे में लोग होटल और अन्य व्यवसायिक काम करने से कतराएंगे। इससे पहाड़ में रोजगार के अवसर कैसे बढ़ेंगे। इधर जिला विकास प्राधिकरण के अवर अभियंता महेंद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि पर्वतीय क्षेत्र में उच्चीकरण शुल्क संबंधित स्थान पर लागू सर्किल दर का 75 प्रतिशत लिया जा रहा है। इस हिसाब से एनटीडी में स्थित इस प्लॉट पर कुल उच्चीकरण शुल्क करीब 93.14 लाख है। उनका कहना है कि अन्य शुल्क भी नियमानुसार ही लागू किए गए हैं।
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