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जंगलों की आग बुझाने को होमगार्ड और पीआरडी जवानों की मांग

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अल्मोड़ा। बजट नहीं मिलने और वन कर्मियों की हड़ताल से विभाग जंगल की आग बुझाने में आ रही दिक्कतों के चलते वन विभाग ने जंगलों की आग बुझाने के लिए डीएम से होमगार्ड और पीआरडी जवानों मांग की है। जिले में तीन महीनों में वनाग्नि की करीब 29 घटनाएं हो चुकी हैं।
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जिले में हर रोज किसी न किसी जंगल में आग लग रही है। इससे अमूल्य वन संपदा और वन्य जीवों को नुकसान तो पहुंच ही रहा है। जंगलों की आग आबादी की ओर बढ़ने का भी खतरा पैदा हो गया है। बीते दिनों में विश्वनाथ के पास बख, पांडेखोला, सोमेश्वर, भैंसवाड़ा-रौन डाल, पपरसली, चौबटिया-कुरचौना, फलसीमा क्षेत्र में लगी आग ने वन विभाग को सकते में डाल दिया है। इन दिनों वन बीट अधिकारियों की भी हड़ताल के चलते जिले में 104 क्रू स्टेशनों में क्रू इंचार्ज काम नहीं कर रहे हैं। वहीं, वन विभाग को इस वर्ष वनाग्नि रोकथाम के लिए बजट नहीं मिला है। सिविल सोयम में 20 लाख रुपये और अल्मोड़ा वन प्रभाग में 14-15 लाख रुपये पिछले वर्ष के वाउचरों में ही खत्म हो गया। सिविल सोयम के डीएफओ आरसी शर्मा ने बताया कि हड़ताल के कारण काफी परेशानी हो रही है। विभाग के पास बजट की भी काफी कमी है।

वनाग्नि की रोकथाम के लिए जिले में 14 करोड़ रुपये की जरूरत है। फिलहाल एहतियात के तौर पर 150 से ज्यादा फायर वाचरों को तैनात किया गया है लेकिन वन बीट अधिकारियों की हड़ताल के चलते दिक्कत आ रही है। इस संबंध में डीएम से होमगार्ड और पीआरडी जवान उपलब्ध कराने की मांग की गई है। - पंकज कुमार, डीएफओ, अल्मोड़ा वन प्रभाग
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