अल्मोड़ा। शहर में कई स्थानों पर रास्ते और नालियां क्षतिग्रस्त हैं, लेकिन इनका पुनर्निर्माण नहीं हो सका है। पालिका परिषद ने विकास कार्यों के 40 लाख के आगणन शासन को भेजे हैं, लेकिन पिछले दो साल से राज्य सरकार से अल्मोड़ा पालिका को अवस्थापना मद में एक धेला भी नहीं मिला है। जिससे शहर के विकास कार्यों पर असर पड़ रहा है।
नगर पालिका परिषद पर शहर के विकास की जिम्मेदारी होती है। शहर में कई स्थानों पर रास्ते और नालियां क्षतिग्रस्त हैं। समय-समय पर जिनकी मरम्मत और सुधारीकरण की जरूरत होती है। नालियां क्षतिग्रस्त होने से जहां कई स्थानों पर गंदा पानी रास्तों में बहता है। कई स्थानों पर सीमेंट उखड़ने से रास्ते उबड़-खाबड़ हो गए हैं। नालों का भी सुधारीकरण होना है।
उधर नए सृजित रैलापाली और दुगालखोला वार्ड के विकास के लिए भी सरकार अब तक कोई ठोस नीति नहीं बना सकी है। पालिका परिषद ने इस संबंध में आगणन बनाकर शासन को भेजे थे। पालिकाध्यक्ष प्रकाश चंद्र जोशी ने बताया कि शासन को विकास कार्यों के लिए 40 लाख के प्रस्ताव भेजे गए हैं। जिन्हें अब तक मंजूरी नहीं मिली है।
राज्य सरकार निकायों के विकास के लिए अवस्थापना मद से धनराशि अवमुक्त करती है, लेकिन पिछले दो साल से अल्मोड़ा पालिका को सरकार ने अवस्थापना मद में कोई धनराशि नहीं दी है। जिस कारण शहर में विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।