अल्मोड़ा। जिला विधिक प्राधिकरण की ओर से आर्मी पब्लिक स्कूल रानीखेत में शुक्रवार को विधिक साक्षरता शिविर आयोजित किया गया। जिला न्यायाधीश डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार शर्मा के निर्देशन में स्कूली बच्चों को बाल विवाह, बाल श्रम, किशोर न्याय अधिनियम, घरेलू हिंसा, पॉक्सो, भ्रूण हत्या रोकने की जानकारी दी गई।
शिविर की अध्यक्षता करते हुए जिला विधिक प्राधिकरण के सचिव डॉ. शेष चंद्र ने बाल श्रम को जघन्य अपराध बताया। कहा कि इसमें कड़ी कानूनी सजा का प्रावधान है। लैंगिक अपराध में सात साल के कारावास तक की सजा का प्रावधान है। इस दौरान उन्होंने घरेलू हिंसा, लिंग परीक्षण आदि के बारे में भी बताया। अपर जिला जज रानीखेत अमित कुमार सिरोही ने बच्चों में बढ़ रहे नशीले पदार्थों की लत पर चिंता जताई। स्कूली बच्चों से सावधान, सतर्क रहने को कहा। उन्होंने अभिभावकों से भी बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखने को कहा। उन्होंने किशोर न्याय बोर्ड की क्रियाविधि, प्रावधान भी बताए। जयवीर सिंह ने छात्राओं को घरेलू हिंसा अधिनियम की जानकारी दी। आर्मी स्कूल के प्रधानाचार्य कमलेश जोशी ने बच्चों से इस जानकारी का लाभ उठाने का आह्वान किया। शिविर में 550 सरल कानूनी ज्ञानमाला पुस्तकें भी बांटी गईं। इस मौके पर तहसीलदार मोहन सिंह, पीएलवी अनिल चंद्र, धीरेंद्र रावत, सुनीता रानी, भावना आर्या, प्रेमा पपनै, लक्षिता बिष्ट, मंजू रौतेला, दीपा, हेमा लोहनी, शोभा लोहनी, दीपा आर्या, आशा लोहनी, महेंद्र चम्याल, जानकी कांडपाल, लता कबड़वाल, दीपा नेगी, ललिता कैड़ा, विनीता आर्या, शुभम आर्या, नीमा बिनवाल, नीता नेगी, विनीता आर्या, गोविंदी बिष्ट, किरन आर्या, दीपा चौधरी, नंदिता भट्ट, दीपा पांडे, भावना तिवारी आदि थे।