मानिला (अल्मोड़ा)। गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार की ओर से मानिला मंदिर में तीन दिवसीय गायत्री महायज्ञ और संस्कार महोत्सव शुरू हो गया है। रविवार को महिलाओं ने सदर बाजार और रतखाल से मानिला मंदिर तक कलश यात्रा निकाली। मंदिर में भजन-कीर्तन भी हुए।
कलश यात्रा में महिलाएं परंपरागत पिछौड़ा धारण किए हुए थीं। कलश यात्रा के आगे ढोल-नगाड़े चल रहे थे। लोगों ने मंदिर की परिक्रमा की। इस मौके पर छोलिया नृतकों ने छोलिया नृत्य की प्रस्तुति दी। कलश यात्रा में गायत्री परिवार चौखुटिया, मासी, भिकियासैंण, हल्द्वानी ने भाग लिया।
मानिला मंदिर प्रबंधन ट्रस्ट के अध्यक्ष नंदन मनराल ने बताया कि 21 मई को मानिला मंदिर में गायत्री महायज्ञ और भजन संध्या होगी। 22 मई को गायत्री महायज्ञ पुर्णाहुति होगी। समापन पर भंडारा भी होगा।
इस मौके पर डॉ. अशोक ढोके, कुबेर सिंह रावत, पूरन सिंह पांगती, कमल नाथ गोस्वामी, उमेश नैलवाल, लक्ष्मी दत्त नैलवाल, गणेश नेगी, कुबेर सिंह कड़ाकोटी, सुनील वंशीधर, भैरव दत्त लखचौरा, रमेश लखचौरा, सोनू तिवारी, महिपाल असवाल, दीवान सिंह, दिनेश नैलवाल, ईश्वरी दत्त आदि मौजूद थे।