अल्मोड़ा। उपभोक्ताओं के राशन कार्डों में अनियमितता के मामले सामने आ रहे हैं। इसकी जानकारी उपभोक्ताओं को तब हुई जब प्रधानमंत्री स्वास्थ्य कार्ड बनाने के दौरान उपभोक्ताओं के राशन कार्ड के बाहर दर्ज नाम और अंदर दर्ज नाम गलत आने लगे और स्वास्थ्य कार्ड बनाने वाली एजेंसी ने गलत नाम दर्ज होने के कारण स्वास्थ्य कार्ड बनाने से इंकार कर दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि ऐसा एक कार्ड में नहीं हुआ बल्कि कई गांवों में राशनकार्डों में ऐसी शिकायत सामने आ रही है। उन्होंने इस मामले की जांच की मांग की है।
हवालबाग के थपनिया गांव निवासी राजेंद्र सिंह ने बताया कि उनके गांव के कई लोग बृहस्पतिवार को स्वास्थ्य कार्ड बनवाने के लिए एजेंसी के पास पहुंचे थे। इस दौरान कार्ड के बाहर दर्ज नाम और अंदर दर्ज परिवार के सदस्यों के नाम गलत थे। ऑनलाइन स्वास्थ्य कार्ड बनवाने के दौरान पता चला कि अधिकांश राशन कार्डों में परिवार के मुखिया का नाम था तो अंदर परिवार के सदस्यों के नाम गलत लिखे थे। जबकि राशनकार्ड के अंदर चढ़े हुए नाम परिवार के लोगों के ही थे।
ऑनलाइन जानकारी लेने पर इस गलती का पता चला। जिसके बाद स्वास्थ्य कार्ड बनाने वाली एजेंसी ने स्वास्थ्य कार्ड बनाने से इंकार कर दिया। थपनिया निवासी राजेंद्र सिंह ने बताया कि उनके गांव में करीब 100 मवासे हैं जिनमें केवल 15-20 कार्डों में ही सही नाम दर्ज था बाकि सभी कार्डों में गलत नाम चढ़े हुए थे। उन्होंने जिला प्रशासन से पूर्ति विभाग में चल रही अनियमितता की जांच की मांग की है।
इधर भैंसियाछाना ब्लॉक में भी ग्रामीणों के राशनकार्ड में धांधली की शिकायत आई है। नौगांव के ग्रामीण और पैरा लीगल सदस्य गोपाल राम ने बताया कि पिछले दिनों उनके गांव में शिविर लगा था। जहां ग्रामीण प्रधानमंत्री स्वास्थ्य कार्ड बनाने पहुंचे, लेकिन अधिकतर ग्रामीणों के कार्ड में गलत नाम चढ़े होने के कारण स्वास्थ्य कार्ड नहीं बन सके।
इधर जिला पूर्ति अधिकारी जगदीश वर्मा ने बताया कि कुछ ग्रामीण उनके पास यह शिकायत लेकर आए थे। उन्होंने बताया कि यह ब्लॉक स्तर का मामला है और इन कार्डों में नाम वहीं से गलत चढ़े होंगे। उन्होंने बताया कि जिन ग्रामीणों के राशन कार्डो में नाम गलत चढ़े हुए हैं ब्लॉक से उनके नाम सही किए जाएंगे।