द्वाराहाट (अल्मोड़ा)। खलना पेयजल योजना के क्षतिग्रस्त हेड को ठीक करने की मांग को लेकर ग्रामीण का आमरण अनशन सोमवार को विभागीय अधिकारियों के साथ हुए लिखित समझौते के बाद समाप्त हो गया। इससे पूर्व अधिकारियों के साथ अनशनकारी और ग्रामीणों की लंबी वार्ता हुई। अधिकारियों ने कहा कि मरम्मत का कार्य 10 दिनों के भीतर शुरू कर दिया जाएगा।
बता दें कि खलना पेयजल योजना का हेड लंबे समय से क्षतिग्रस्त है, इस योजना से आसपास की छह ग्राम सभाएं जुड़ी हुई हैं, इन गांवों में पानी नहीं आ रहा है। कई बार विभागीय अधिकारियों से गुहार लगाई गई, लेकिन समस्या का निराकरण नहीं हुआ। जिसके चलते सामाजिक कार्यकर्ता हरीश चंद्र सिंह बिष्ट एक दिन पूर्व आमरण अनशन पर बैठ गए।
इससे पेयजल विभाग के अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए। आनन-फानन में जल संस्थान के सहायक अभियंता आरसी डोबवाल, कनिष्ठ अभियंता सुरेंद्र सिंह रौतेला, उप राजस्व निरीक्षक नरेश कुमार, कमल आर्य वहां पहुंचे। अनशनकारी हरीश चंद्र के साथ लंबी वार्ता चली। इसके बाद अधिकारियों ने लिखित समझौता किया। जिसके तहत 10 दिनों के भीतर क्षतिग्रस्त हेड की मरम्मत का कार्य शुरू करने का आश्वासन दिया गया।
सहायक अभियंता ने बताया कि इस कार्य के लिए उच्चाधिकारियों की तरफ से भी सार्थक आश्वासन मिल चुका है। अनशनकारी ने कहा कि 10 दिन के भीतर कार्य शुरू नहीं हुआ तो फिर से अनशन शुरू कर दिया जाएगा। सहायक अभियंता आरसी डोबवाल ने हरीश चंद्र को जूस पिलाया। वहां प्रधान चनी राम, धन सिंह, ललित सिंह, सुरेश सिंह, कुंदन सिंह, देव सिंह, मनोहर लाल, नरेंद्र कुमार, जमुना देवी, पार्वती देवी, नंदी देवी, दुर्गा देवी, पूजा देवी, मानसी देवी आदि मौजूद थेे।