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कुते-बंदर ने काटा तो अल्मोड़ा में जिंदगी राम भरोसे

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अल्मोड़ा। लावारिस कुत्तों के काटने के कारण घायल मरीजों को अस्पताल के अलावा बाजार से भी एंटी रेबीज वैक्सीन नहीं मिल पा रही है। जन औषधि केंद्र में तो पिछले पांच माह से वैक्सीन नहीं आ रही है। सोमवार को करीब एक दर्जन लोग एंटी रेबीज इंजेक्शन लगाने जिला अस्पताल पहुंचे, लेकिन उन्हें वैक्सीन नहीं मिलने के कारण उन्हें बैरंग लौटना पड़ा। मरीजों का कहना था कि बाजार में भी वैक्सीन नहीं मिल पा रही है।
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लावारिस जानवरों के कारण नगर की गलियां, मोहल्ले लोगों के लिए सुरक्षित नहीं रह गए हैं। पता नहीं किस गली में खड़ा कुत्ता या बंदरों का झुंड आप पर झपट पड़े। अस्पताल में तो हर रोज दस से 12 मरीज एंटी रेबीज इंजेक्शन लगाने पहुंच रहे हैं। जून में ही करीब दो सौ लोगों को बंदर और कुत्ते काट चुके हैं।

पिछले शनिवार को जिला अस्पताल में एंटी रेबीज के इंजेक्शन खत्म हो गए जिसके बाद लोगों को भारी मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है। सोमवार को जिला अस्पताल में करीब 450 ओपीडी हुई जिसमें करीब 12 लोग एंटी रेबीज का इंजेक्शन लगाने पहुंचे, लेकिन अस्पताल में स्टाक खत्म होने के बाद लोग मेडिकल स्टोर पहुंचे, लेकिन वहां भी वैक्सीन नहीं मिल रही है।
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मेडिकल हॉल के स्वामी राघव पंत ने बताया कि एंटी रेबीज के इंजेक्शन मंगाए गए हैं लेकिन बाहर से ही स्टाक नहीं आ रहा है। इधर जिला अस्पताल के पीएमएस डॉ. प्रकाश वर्मा ने बताया कि बाहर से एंटी रेबीज इंजेक्शन नहीं आ रहे हैं। बाहर एक बार फिर डिमांड भेजी गई है।
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