अल्मोड़ा। भाजपा प्रत्याशी अजय टम्टा की दो लाख से अधिक अंतर से जीत अल्मोड़ा संसदीय सीट के इतिहास की सबसे बड़ी विजय है। इससे पहले 1984 में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या बाद हुए लोकसभा चुनावों में तत्कालीन कांग्रेस प्रत्याशी हरीश रावत करीब एक लाख 40 हजार से अधिक मतों से जीते थे।
2014 की मोदी लहर में भाजपा को अल्मोड़ा लोकसभा सीट पर करीब 95 हजार से अधिक मतों से जीत हासिल हुई थी। तब खुद मोदी ने अल्मोड़ा आए थे। इस बार प्रधानमंत्री मोदी ने अल्मोड़ा लोकसभा क्षेत्र में किसी जनसभा को भी संबोधित नहीं किया और चुनाव प्रचार की कमान मुख्य रूप से मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने संभाली थी। सीएम रावत ने लोकसभा क्षेत्र में 10 जनसभाओं को संबोधित किया था। भाजपा प्रत्याशी अजय टम्टा, सीएम रावत सहित अन्य स्टार प्रचारकों ने मोदी को प्रधानमंत्री बनाने के नाम पर ही वोट मांगे थे। मोदी के असर के चलते लोग भाजपा की जीत की अधिक संभावना मान रहे थे पर जीत का अंतर बहुत अधिक नहीं माना जा रहा था।
पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की शहादत के बाद 1984 की सहानुभूति लहर में भी तत्कालीन कांग्रेस प्रत्याशी हरीश रावत 1,40,332 मत से जीते थे। यह माना जा रहा है एअर स्ट्राइक के बाद मतदाताओं ने राष्ट्रवाद से प्रेरित होकर भाजपा के पक्ष में जमकर मतदान किया। एअर स्ट्राइक के कुछ ही दिनों बाद उत्तराखंड में पहले चरण में मतदान होना भी भाजपा के पक्ष में रहा क्योंकि कुछ दिन पहले हुई पुलवामा और एअर स्ट्राइक की घटनाएं लोगों के दिलो दिमाग में थी। जानकारों का कहना है कि यदि यहां चुनाव बाद के चरणों में होते तो जीत का अंतर इतना अधिक नहीं रहता।