अल्मोड़ा। कांग्रेस से टिकट के दावेदार रहे सज्जन लाल टम्टा ने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर नामांकन कराके पार्टी के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। जानकारों का मानना है कि यदि पार्टी उन्हें नामांकन वापस लेने के लिए राजी नहीं कर सकी तो कांग्रेस के चुनाव अभियान में इसका अच्छा संदेश नहीं जाएगा।
बता दें कि सज्जन लाल टम्टा 2014 में निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर अल्मोड़ा लोकसभा सीट से चुनाव लड़ चुके हैं और उन्हें आठ हजार से अधिक मत प्राप्त हुए। उसके बाद उन्होंने कांग्रेस की सदस्यता प्राप्त कर ली थी। सज्जन लाल टम्टा का कहना है कि पार्टी में शामिल होने के दौरान उन्हें पूर्व सीएम हरीश रावत ने पार्टी से विधानसभा अथवा लोकसभा का टिकट देने का आश्वासन दिया था। सज्जन टम्टा का कहना है कि वह पिछले पांच सालों से लगातार पार्टी के लिए काम कर रहे हैं।
जब पार्टी ने उन्हें टिकट नहीं दिया तो मजबूरी में निर्दलीय तौर पर चुनाव मैदान में उतरना पड़ा है। उन्होंने कहा कि वह जल्द ही पूरे संसदीय क्षेत्र में प्रचार अभियान शुरू कर देंगे। इधर कांग्रेस जिलाध्यक्ष पीतांबर पांडे का कहना है कि सज्जन लाल टम्टा से वार्ता की जा रही है। उनकी नाराजगी दूर करके नामांकन वापसी के लिए मना लिया जाएगा।