अल्मोड़ा। उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष सुभाष कुमार ने पालिका सभागार में आगामी वित्तीय वर्ष के लिए प्रस्तावित विद्युत दरों को लेकर जनसुनवाई आयोजित की। उपभोक्ताओं ने प्रतिमाह बिजली बिल देने की मांग उठाई। साथ ही बिजली कर्मचारियों और आश्रितों को मुफ्त बिजली नहीं देने, फिक्स चार्ज समाप्त करने की मांग की। अध्यक्ष ने कहा कि जल्द अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, कर्णप्रयाग उत्तरकाशी में एक-एक उपभोक्ता फोरम की स्थापना की जाएगी। ताकि बिजली से संबंधित शिकायतों का त्वरित निराकरण किया जा सके। पहाड़ी जिलों में प्रत्येक माह बिजली बिल देने के प्रयास होंगे।
आयोग के समक्ष लोगों ने बिजली कर्मचारियों की कमी दूर करने, सभी जिलों में उपभोक्ता फोरम स्थापित करने, विभाग की वसूली में तेजी लाने, सोलर प्लांटों की कमियों को दूर करने को लेकर सुझाव रखे। लोगों ने नए उद्योग लगाने के लिए छूट देने, ग्रामीण क्षेत्रों में भी बिजली की केबल लाइन बिझाने, बिजली की अंडर ग्राउंड केबल बिछाने, बिजली चोरी पर रोक लगाने, बिजली दर नहीं बढ़ाने, झूलते तारों को ठीक करने समेत अन्य मुद्दे उठाए।
आयोग के अध्यक्ष सुभाष कुमार ने कहा कि वर्तमान में मैदानी क्षेत्रों में विद्युत बिल प्रत्येक माहवार निर्धारित किया जाता है। एक वर्ष के भीतर पहाड़ी जिलों में भी इसे लागू करने का प्रयास किया जाएगा। बिजली कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए सरकार से वार्ता कर हल निकाला जाएगा। पर्वतीय क्षेत्र के लिए बिजली दरों में पूर्व में लागू छूट का भी संज्ञान लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं के सुझावों और आपत्तियों को लेकर समुचित निर्णय लिया जाएगा।
नई टेरिफ दरें फरवरी के अंत तक निर्धारित कर दी जाएंगी और एक अप्रैल से नई बिजली दरें लागू होंगी। इस अवसर पर यूपीसीएल के मुख्य अभियंता एचके गुरुरानी, मुख्य अभियंता वाणिज्य संजय टम्टा, एसई नवीन मिश्रा, पिटकुल एसई एलएम बिष्ट, एसडीएम विवेक राय, आयोग सचिव नीरज सती, निदेशक वित्त दीपक पांडे, उप निदेशक प्रशासन दीपक कुमार, अधिशासी अभियंता डीडी पांगती आदि मौजूद थे।