अल्मोड़ा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से बेस अस्पताल में आयोजित विधिक जागरूकता शिविर में नशीले पदार्थों के सेवन और उनकी तस्करी को लेकर जागरूकता बढ़ाने और इससे जुड़े खतरों को लेकर आगाह किया गया। प्राधिकरण सचिव डॉ. शेष चंद्र ने ड्रग्स की लत को सामाजिक और मनोवैज्ञानिक समस्या बताते हुए कहा कि इससे युवा वर्ग प्रभावित तो होता ही है, अन्य आयु वर्ग के लोगों में भी यह विपरीत असर डालता है। इसके दुष्प्रभाव से चोरी, हिंसा और अपराध जैसी घटनाएं भी समाज में देखने को मिलती हैं।
शिविर की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने कहा कि ड्रग्स की लत के कारण भूख और वजन, कब्ज, चिंता, चिड़चिड़ापन, नींद आने जैसी परेशानी देखने को मिलती है। उन्होंने बताया कि बच्चों और युवाओं से संवाद कायम कर उन्हें सहयोग देने से वह स्वस्थ और सुरक्षित विकास करेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि मादक द्रव्य एचआईवी, हेपेटाइटिस, तपेदिक जैसे गंभीर रोगों का कारण तो है ही इसके अलावा इसके दुष्प्रभाव से चोरी, हिंसा और अपराध जैसी घटनाएं भी समाज में देखने को मिलती हैं।
उन्होंने बताया कि मादक द्रव्य दुरुपयोग के पीछे पश्चिमीकरण, परिवार की संरचना में बदलाव, गलत मित्र समूह का प्रभाव होता है। उन्होंने लोगों से अपने बच्चों का पूरा ध्यान रखने और उनके साथ समय बिताने पर जोर दिया। इस मौके पर प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. हितेन जंगपांगी, पीडी पंगरिया, पैरा लीगल वालियंटर्स लक्षिता बिष्ट, विनीता आर्या, दीपा पांडे, धीरेंद्र सिंह रावत, शुभम आर्या, नीता नेगी, विनीता आर्या, नीमा बिनवाल आदि मौजूद थे।