लमगड़ा (अल्मोड़ा)। धौलादेवी विकासखंड के कलौटा गांव के लिए मंजूर 13 किमी लंबी सड़क का टेंडर निरस्त हो गया है। क्षेत्रीय विधायक गोविंद सिंह कुंजवाल ने सरकार और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि लोक निर्माण विभाग के कर्मचारी और अधिकारी सरकार के दबाव में नियम को तोड़ मरोड़ कर चहेतों को लाभ दिला रहे हैं। कलौटा गांव की सड़क का टेंडर निरस्त होना इसका प्रमाण है।
कुंजवाल ने कहा कि कलौटा गांव के लिए पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में 13 किमी सड़क स्वीकृत की गई थी। जिसकी लागत 13 करोड़ रुपये थी। उन्होंने बताया कि कांग्रेस शासनकाल में आचार संहिता लगने से दस दिन पहले ही इस सड़क के लिए निविदा आमंत्रित की गई थी। आचार संहिता लागू हो जाने पर इसे निरस्त करना पड़ा था।
पांच जून को दोबारा निविदा होनी थी। उन्होंने कहा कि लोक निर्माण विभाग ने नोटिस बोर्ड में एक आदेश चस्पा कर टेंडर निरस्त होने की सूचना जारी कर दी। इससे स्पष्ट होता है कि सरकार ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं के निराकरण के प्रति उदासीन बनी है।