अल्मोड़ा। सरकार राजकीय आदर्श विद्यालयों को सभी सुविधाएं देने के दावे करती है, लेकिन जिले के 11 राजकीय आदर्श जूनियर हाइस्कूलों के 694 बच्चों को पिछले शिक्षा सत्र में शैक्षिक भ्रमण का लाभ नहीं मिला।
सरकार और शिक्षा विभाग द्वारा आदर्श विद्यालयों को पर्याप्त संसाधन दिए जाते हैं। सर्व शिक्षा अभियान के तहत जूनियर हाइस्कूल के बच्चों को शैक्षिक भ्रमण पर ले जाया जाता है। इसका उद्देश्य बच्चों को सांस्कृतिक, ऐतिहासिक, वैज्ञानिक ज्ञानवर्धक जानकारी उपलब्ध कराना होता है।
सर्व शिक्षा अभियान के माध्यम से शैक्षिक भ्रमण के लिए विद्यालयों को बजट उपलब्ध कराया जाता है।
जिले में कुल ग्यारह विकासखंड हैं। प्रत्येक ब्लॉक में एक-एक राजकीय जूनियर हाइस्कूल का आदर्श विद्यालय के रूप में चयन किया गया है। जिनमें राजकीय आदर्श जूनियर हाइस्कूल छिताड़ (चौखुटिया) में 42 छात्र-छात्राएं, ओड्यूड़ा (लमगड़ा) में 66, डभरा सोराल (सल्ट) में 82, जैनल (भिकियासैंण) में 37, दड़मियां (ताकुला) में 92, मेलगांव (धौलादेवी) में 54, ड्योड़ाखाल (ताड़ीखेत) में 80, महतगांव (द्वाराहाट) में 94, चौंसली (हवालबाग) में 37, वल्मरा (स्याल्दे) में 39, चंद्रकोट (भैसियाछाना) में 71, छिताड़ (चौखुटिया) में 42 छात्र-छात्राएं अध्यनरत हैं। शैक्षिक सत्र 2017-18 में इन ग्यारह विद्यालयों के 694 बच्चों को शैक्षिक भ्रमण का लाभ नहीं मिल पाया।
इधर सर्व शिक्षा अभियान की जिला समन्वयक प्रेरणा गुरुरानी ने बताया कि पिछले वित्तीय वर्ष में 200 विद्यालयों के बच्चों को शैक्षिक भ्रमण कराया गया। आदर्श विद्यालयों के बच्चों के शैक्षिक भ्रमण के लिए राष्ट्रीय आविष्कार अभियान द्वारा बजट उपलब्ध कराया जाना था। अभियान द्वारा इसके लिए व्यवस्था नहीं की गई, जिससे आदर्श जूनियर हाइस्कूलों को भ्रमण का लाभ नहीं मिल पाया।