मौलेखाल (अल्मोड़ा)। सड़क के मलबे से ध्वस्त हुई सल्ट विकासखंड की सबसे बड़ी गुलार-करगेत पेयजल योजना में रविवार को सातवें दिन भी पेयजल आपूर्ति ठप रही। दर्जनों गांवों के लोगों को हरेले पर्व पर भी पानी नहीं मिल पाया। त्योहार के दिन पानी नहीं मिलने के कारण लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
सल्ट विकासखंड की सबसे बड़ी गुलार-करगेत पेयजल योजना ध्वस्त होने से पिछले सात दिनों से योजना में पेयजल आपूर्ति ठप पडी है। हरेले पर्व पर भी रविवार को शशिखाल, सकरखोला, पोखरी, ढैला, स्वास्थ्य केंद्र देवायल, हिनौला, करगेत, देवायल जालीखान, कपराढैया, मौलेखाल, तहसील समेत एक दर्जन से अधिक गांवों में पानी की आपूर्ति ठप रही। ग्रामीण प्राकृतिक जल स्रोतों से पानी ढोने को मजबूर हैं। कई गांवों मे पेयजल स्रोत तीन किमी से अधिक दूर है। सड़क किनारे स्थित हैंडपंपों में पानी लेने के लिए सुबह से ही लोगों की लाइन लग जा रही है।
घंटों इंतजार करने के बाद भी लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है। इधर जल संस्थान के जेई मंदीप शर्मा ने बताया कि सड़क के मलबे से ध्वस्त पड़ी पेयजल योजना का पुनर्निर्माण कार्य चल रहा है। उन्होंने बताया कि मलबे से योजना कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हुई है। इस कारण इसे दुरुस्त करने में समय लग रहा है। योजना में शीघ्र पेयजल आपूर्ति सुचारू करने के प्रयास किया जा रहा है।