पुण्य तिथि पर रंगकर्मी मोहन उप्रेती को याद किया
अल्मोड़ा। प्रसिद्ध लोक गायक, संगीतकार स्व. मोहन उप्रेती की 20वीं पुण्यतिथि के मौके पर पालिका सभागर में आयोजित कार्यक्रम में ‘स्मृतियों में मोहन उप्रेती’ पुस्तक का विमोचन किया गया। वक्ताओं ने कहा कि स्व. उप्रेती ने उत्तराखंड की संस्कृति को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में अपनी ओर से कोई कसर नहीं छोड़ी।
डा. दीपा जोशी की पुस्तक का विमोचन करते हुए पालिकाध्यक्ष प्रकाश चंद्र जोशी ने कहा कि स्व. मोहन उप्रेती पर पुस्तक का प्रकाशन बड़ी उपलब्धि है। पुस्तक से लोगों को उनके व्यक्तित्व और कृतित्व की जानकारी मिल सकेगी। उन्होंने कहा कि उन्होंने उत्तराखंड की संस्कृति को देश-विदेश में फैलाया जिसकी बदौलत आज भी पहाड़ की संस्कृति और लोक गायन में उनको याद किया जाता है। लेखिका डा. दीपा जोशी ने बताया कि पुस्तक में स्व. उप्रेती द्वारा लोक संस्कृति पर किए गए कार्यों का उल्लेख किया गया है। इसके अलावा देश भर के प्रतिष्ठित नाट्यकर्मी, संस्कृति कर्मी और लेखक, विचारक और हिंदी सिनेमा से जुड़े कलाकारों के वक्तव्यों को स्थान दिया गया है। इस मौके पर वरिष्ठ संस्कृति कर्मी नवीन बिष्ट, वरिष्ठ पत्रकार प्रकाश पांडे ने भी विचार रखे और कहा कि लेखिका ने पुस्तक को लोक गायक मोहन सिंह रीठागाड़ी को समर्पित किया है। मोहन उप्रेती लेाक संस्कृति कला एवं विज्ञान शोध समिति के अध्यक्ष हेमंत जोशी ने बताया कि मोहन उप्रेती द्वारा हिंदी रंगमंच पर किए गए कार्यों पर भी शीघ्र ही पुस्तक प्रकाशित की जाएगी। इस अवसर पर नमित जोशी, मीना पांडे, कैलाश पांडे, मुकेश नेगी समेत काफी संख्या में रंगकर्मी मौजूद थे।