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डायट प्राचार्य और शासन को डीएलएड शुल्क के 35 हजार लौटाने के आदेश

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प्राचार्य और शासन को डीएलएड शुल्क के 35 हजार लौटाने के आदेश
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अल्मोड़ा। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) में डीएलएड में चयनित एक अभ्यर्थी द्वारा शुल्क के रूप में 35 हजार रुपये जमा करने के बाद प्रवेश नहीं लिया गया। इसकी विधिवत सूचना देने के बावजूद डायट के प्राचार्य द्वारा अभ्यर्थी द्वारा जमा की गई धनराशि वापस नहीं की गई। अभ्यर्थी ने इसे लेकर जिला उपभोक्ता फोरम में वाद दायर किया। फोरम ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद डायट के प्राचार्य और शिक्षा सचिव से अभ्यर्थी को 35 हजार रुपये के साथ ही मानसिक उत्पीड़न के लिए पांच हजार और वाद व्यय के लिए तीन हजार रुपये आठ प्रतिशत ब्याज के साथ भुगतान करने के आदेश दिए हैं।
जानकारी के मुताबिक जिले के बूंगा जमराड़ी निवासी शिवराज सिंह का 2014-15 में डीएलएड के लिए चयन हुआ था। अभ्यर्थी ने जुलाई 2014 में हुई काउंसलिंग में हिस्सा लेने के बाद पहले सेमेस्टर के शुल्क के लिए 35 हजार रुपये का ड्राफ्ट जमा कर दिया। इस बीच अभ्यर्थी का चयन ओएनजीसी में टीए केमिस्ट के पद पर हो गया। उसने तीन दिसंबर को इस आशय की लिखित जानकारी प्राचार्य को दे दी और उसके स्थान पर प्रतीक्षा सूची वाले अभ्यर्थी को प्रवेश देने और संस्थान में जमा किया गया 35 हजार रुपये वापस करने का आग्रह किया। विभाग ने डीएलएड की इस सीट पर किसी अन्य अभ्यर्थी को प्रवेश तो दे दिया, लेकिन शिवराज सिंह के पैसे वापस नहीं किए। डायट के प्राचार्य का कहना था कि शुल्क लौटाने के बारे में शासन से स्पष्ट दिशा निर्देश नहीं हैं। बाद में अभ्यर्थी ने जिला उपभोक्ता फोरम में वाद दायर कर दिया।
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जिला उपभोक्ता फोरम ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद विभाग को अभ्यर्थी द्वारा जमा किए गए 35 हजार रुपये के साथ ही मानसिक उत्पीड़न के लिए पांच हजार और वाद व्यय के लिए तीन हजार रुपये आठ प्रतिशत ब्याज के साथ एक माह के भीतर भुगतान करने के आदेश दिए हैं। यह आदेश जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष डा.ज्ञानेंद्र कुमार शर्मा और सदस्य प्रभात कुमार चौधरी तथा लीला जोशी के हस्ताक्षरों से जारी किया गया।
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