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बारिश के अभाव में गर्मियों में गहरा सकता है रानीखेत में पेयजल संकट

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रानीखेत (अल्मोड़ा)। इस बार गर्मियों में भीषण पेयजल संकट बढ़ने के आसार नजर आने लगे हैं। शीतकालीन वर्षा नहीं होने के कारण अभी से ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल स्रोत सूखने लगे हैं। स्रोतों के सूखने से ताड़ीखेत ब्लॉक के कई गांवों में पेयजल आपूर्ति नहीं हो पा रही है। गांवों में पारंपरिक पेयजल स्रोतों से कई स्थानों पेयजल योजनाएं बनी हुई हैं। इन दिनों पानी का स्तर गिरने से ग्रामीण क्षेत्रों में संकट गहरा गया है।
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ताड़ीखेत विकासखंड में 36 ग्राम सभाओं में गगास ताड़ीखेत पेयजल योजना से आपूर्ति होती है। इस योजना का भी पुनर्गठन नहीं हो सका है, जिसके चलते हर तीसरे दिन पानी की आपूर्ति होती है। अधिकांश लोग पारंपरिक पेयजल स्रोतों पर निर्भर थे, लेकिन इस बीच स्रोतों का जल स्तर काफी गिर गया है।

पिलखोली के एक स्रोत से पेयजल योजना बनाई गई है। जिससे कई गांव जुड़े हुए हैं, स्रोत का स्तर घटने से इससे जुड़े अधिकांश गांवों में पानी का संकट पैदा हो गया है। यही हाल धूराफाट क्षेत्र में भी है। यहां भी सूरी, धूरा, नौंणा सहित कई गांवों में इन दिनों नियमित रूप से पानी नहीं पहुंच रहा है।
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चिलियानौला क्षेत्र के पारंपरिक पेयजल स्रोतों में भी जल स्तर कम हो रहा है, जिस कारण लोगों को दिक्कतें हो रही हैं। हालांकि यहां जल संस्थान द्वारा ताड़ीखेत गगास पेयजल योजना से आपूर्ति की जाती है। बारिश नहीं होने के कारण अभी से पेयजल संकट गहराने लगा है। लोगों का कहना है कि यदि शीघ्र अच्छी बारिश नहीं होती तो इस बार गर्मियों में भारी पेयजल किल्लत रहेगी।
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