अल्मोड़ा। न्यू इंदिरा कालोनी खत्याड़ी निवासी हिमांशु धर्मशक्तू की मौत के मामले में नामजद पांच आरोपियों का दिल्ली में 29 जनवरी को सीबीआई की लैब में लाई डिटेक्टर टेस्ट होगा। जिले में किसी भी मामले में आरोपियों के लाई डिटेक्टर टेस्ट कराने का यह पहला मामला होगा। एसएसपी से हुई वार्ता के बाद जन संघर्ष समिति ने फिलहाल आंदोलन स्थगित कर दिया है।
मालूम हो कि हिमांशु धर्मशक्तू गत 24 नवंबर को हवालबाग के महतगांव में विवाह समारोह की पार्टी में गया था और घर नहीं लौटा। 29 नवंबर को हिमांशु का कोसी नदी के किनारे शव बरामद हुआ था। इस मामले में मृतक के पिता बलवंत सिंह धर्मशक्तू ने एसएसजे परिसर के छात्रसंघ उपसचिव समेत पांच लोगों के खिलाफ पुलिस मामला दर्ज कराया था। मृतक के परिजन और खत्याड़ी के ग्रामीण मामले का पर्दाफाश कर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर आंदोलनरत थे। जन संघर्ष समिति खत्याड़ी के बैनर तले ग्रामीण इक्कीस दिन से गांधी पार्क में धरने पर बैठे थे।
बृहस्पतिवार आंदोलनकारियों की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पी रेणुका देवी से वार्ता हुई। एसएसपी ने अवगत कराया कि आरोपियों के लाई डिटेक्टर टेस्ट की अनुमति मिल गई है और लाई डिटेक्टर टेस्ट के लिए 29 जनवरी की तिथि निर्धारित हुई है। एसएसपी ने बताया कि मामले की जांच में एसओजी टीम को भी लगाया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से हुई वार्ता के बाद समिति ने फिलहाल आंदोलन स्थगित कर दिया है। चेतावनी दी है कि यदि इसके बाद भी पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिला तो आमरण अनशन शुरू कर दिया जाएगा। एसएसपी से वार्ता करने वालों में जवाहर सिंह गनघरिया, गोकर्ण सिंह पांगती, मोहन सिंह लस्पाल, गोपाल सिंह जीना, राजू रावत, केपी जोशी आदि शामिल थे।