अल्मोड़ा। नवरात्र में चितई स्थित प्रसिद्ध ग्वल देवता मंदिर में पशु बलि रोकने के लिए गायत्री परिवार के लोगों ने जनजागरण अभियान चला रखा है। मंगलवार को तीन श्रद्धालु मंदिर में पशु बलि के लिए बकरे लेकर पहुंचे थेे। गायत्री परिवार के लोगों ने उन्हें न्यायालय के निर्णय का हवाला देते हुए सात्विक पूजा के लिए प्रेरित किया। गायत्री परिजनों के समझाने पर तीनों श्रद्धालु बलि को लाए गए बकरों को वापस ले गए।
न्यायालय के आदेश के बाद भी लोग मंदिरों में बकरों को बलि देने के लिए लाते हैं। नवरात्र में मंगलवार को लमगड़ा, बेरीनाग, दुनाड़ (दन्यां) से तीन श्रद्धालु पशु बलि के लिए बकरे लेकर चितई स्थित ग्वल देवता मंदिर पहुंचे थे। इस दौरान मंदिर में जनजागरण अभियान चला रहे गायत्री परिवार के लोगों को इसकी भनक लग गई। उन्होंने बलि देने आए श्रद्धालुओं को न्यायालय के आदेश का हवाला देते हुए सात्विक पूजा करने का अनुरोध किया। गायत्री परिवार के लोगों के समझाने पर तीनों श्रद्धालु बलि को लाए गए बकरों को वापस ले गए। जनजागरण अभियान चलाने वालों में मंजू जोशी, रीता पांडेय, मंजू तिवारी, सरोज मेलकानी, विद्योतमा जोशी, माधो सिंह बोरा, भीम सिंह अधिकारी, अर्जुन नेगी, महेश पांडेय, प्रदीप लटवाल आदि शामिल हैं।