अल्मोड़ा। सरकार की जिले के प्रत्येक ग्राम पंचायत में पंचायत भवन बनाने की घोषणा पूरी नहीं हो सकी है। जिले की 1166 ग्राम पंचायतों में से अब तक 222 गांवों में पंचायत घरों का निर्माण नहीं हो पाया है। इससे इन गांवों में ग्रामीणों को सार्वजनिक कार्यक्रम और अन्य गतिविधियां संचालित करने में दिक्कतें होती हैं। खासकर ग्राम पंचायत की बैठकें आदि के आयोजन में भी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। पिछले तीन साल से नए पंचायत भवन बनाने के लिए जिले को बजट नहीं मिला है।
केंद्र और राज्य सरकारें ग्राम पंचायतों को विकास की धूरी बनाने की घोषणा करती रहती हैं। जनप्रतिनिधि भी गांवों के विकास के दावे करते हैं, लेकिन जिले की ग्राम पंचायतें साधन संपन्न नहीं बन पाई है। जिले में कुल 1166 ग्राम पंचायत हैं। इनमें से 944 ग्राम पंचायतों में ही पंचायत भवन हैं, लेकिन 222 गांवों में अब तक पंचायत भवन नहीं बन पाए हैं। पंचायत विहीन ग्राम पंचायतों में पंचायतों की बैठक कराने में जहां दिक्कतें होती हैं। साथ ही सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित करने और अन्य गतिविधियां संचालित कराने में ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
जनप्रतिनिधि भी पंचायतों को सशक्त बनाने के दावे जरूर करते रहते हैं गांवों में जनसंपर्क में भी जाते हैं, लेकिन सालों बाद भी जिले की 222 गांव पंचायत विहीन चल रहे हैं। जनप्रतिनिधि भी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। इधर, जिला पंचायत राज अधिकारी जितेंद्र कुमार ने बताया कि जिले में पंचायत घर विहीन गांवों में पंचायत भवन बनाने के लिए पिछले तीन साल के बजट अवमुक्त नहीं हुआ है। जिससे वंचित ग्राम पंचायतों में पंचायत भवनों का निर्माण नहीं हो पाया है।