अल्मोड़ा। जलियांवाला बाग हत्याकांड के शताब्दी वर्ष पर उत्तराखंड स्वतंत्रता सेनानी और उत्तराधिकारी संगठन की ओरसे जौहरी बाजार के निकट कालिका मंदिर में हुए कार्यक्रम में जलियांवाला बाग हत्याकांड में गोलीबारी में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी गई। वक्ताओं ने कहा कि जलियांवाला बाग हत्याकांड के जख्म आज भी नहीं भरे गए हैं।
वक्ताओं ने कहा कि सौ साल पहले 13 अप्रैल 1919 को ब्रिटिश ब्रिगेडियर जनरल रेजिनल डायर ने अपने सैन्य दल को जलियांवाला बाग में एकत्रित भीड़ पर फायरिंग करने का आदेश दिया था जिसमें निहत्थे कई लोग मारे गए। इस हत्याकांड की भयावहता को याद कर लोग आज भी कांप उठते हैं। दो मिनट का मौन रखकर जलियांवाला बाग हत्याकांड के शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई।
इस मौके पर हुए कार्यकारिणी के चुनाव में कमलेश पांडे पुन: अध्यक्ष, तारा चंद्र शाह, गोविंद लाल वर्मा संरक्षक, भरत पांडे सचिव, पुष्कर प्रसाद पांडे उपाध्यक्ष, यशवंत सिंह परिहार कनिष्ठ उपाध्यक्ष, कैलाश संगठन मंत्री चुने गए। शिवशंकर बोरा, गणेश नाथ गोस्वामी, अजय शाह, राधा तिवारी, भगवती नेगी कार्यकारणी सदस्य चुने गए। इस मौके पर तारा शाह, गोविंद लाल वर्मा, मोती लाल वर्मा ने विचार रखे। कार्यक्रम में नंदी वर्मा, पूजा पांडे, विनीता पांडे, गोविंद सिंह गैड़ा, राजेंद्र सिंह गैलाकोटी, मोहनी गोस्वामी, वैभव रावल, दीपेंद्र राणा, रस्सु वर्मा, जया वर्मा, रमा वर्मा, पुष्पा गैलाकोटी, रीता गैड़ा आदि मौजूद थे।