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रानीखेत जिले के लिए संयुक्त मोर्चा ने फिर भरी हुंकार

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रानीखेत (अल्मोड़ा)। रानीखेत जिले की मांग एक बार फिर जोर पकड़ गई है। जिला संयुक्त मोर्चा ने एक बार फिर संघर्ष की तैयारी शुरू कर ली है। सरकार पर जिले के नाम पर लोगों को गुमराह करने के आरोप लगाते हुए पदाधिकारियों ने कहा कि आंदोलन के दूसरे चरण के लिए जल्द बैठक होगी। गांव गांव जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा।
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रानीखेत जिले की मांग 1955 से लगातार चली आ रही है। कई बार बड़े आंदोलन हुए। हर चुनाव में जिले का मुद्दा उठा लेकिन आज तक यह मांग पूरी नहीं हो सकी है। 2011 में तत्कालीन निशंक सरकार ने जिले की घोषणा की, लेकिन यह घोषणा सिर्फ चुनावी घोषणा तक सीमित रही।

इसके बाद भी जिले के लिए लोग आए दिन आंदोलन करते रहे। भाजपा के बाद आई कांग्रेस सरकार ने कमेटियों के गठन के नाम पर जनता को छला। इधर अब जिले के लिए लोग एक बार फिर एकजुट होने लगे हैं। संयुक्त मोर्चा के बैनर तले आंदोलन के पहले चरण में जनसंपर्क अभियान चले। 22 अक्तूबर को बाइक रैली निकाली गई। मोर्चा के सदस्य भगवंत नेगी ने बताया कि दूसरा चरण जल्द शुरू होगा। आंदोलन की भावी रणनीति तैयार होगी।
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