अल्मोड़ा। जिलाधिकारी ईवा आशीष ने सभी उप जिलाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र की सभी तहसीलों और पटवारी चौकियों का हर तीन माह में औचक निरीक्षण करने करने के साथ अभिलेखों, खसरा, भू-अभिलेखों और शराब की दुकानों का भी निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने पुलिस और राजस्व विभाग को दहेज हत्या और बाल अपराधों के संबंध में कड़ी कार्रवाई करने के अलावा यातायात नियमों का पालन नहीं करने वालों के चालान और सीज करने जैसी कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए। अधिकारियों की बैठक के दौरान संभागीय परिवहन अधिकारी और स्वास्थ्य विभाग अधिकारी के मौजूद नहीं रहने पर डीएम ने नाराजगी जताते हुए भविष्य में लापरवाही पर कार्रवाई की बात भी कही।
जिला कार्यालय में मासिक बैैठक लेते हुए उन्होंने गुंडा एक्ट के मामलों पर पैनी नजर रखने के साथ ही अपराधियों पर अंकुश लगाने की कार्रवाई करने और रानीखेत में सीपीयू को फिर से तैनात करने को कहा। उन्होंने उपजिलाधिकारियों को अपने क्षेत्र के अंतर्गत सभी तहसील और पटवारी चौकियों का हर तीन माह में निरीक्षण करने और वाहन दुर्घटनाओं की मजिस्ट्रेटी जांच में भी तेजी से कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
समाज कल्याण विभाग को पात्र लोगों को दी जाने वाली पेंशन का विकासखंड वार मिलान कर आधार से लिंक कराने को कहा। जबकि लीड बैंक अधिकारी को ऋण वसूली में तेजी लाने, राजस्व विभाग को वादों के निस्तारण में तेजी लाने, बगैर स्वीकृति के सीवर के कनेक्शन जोड़ने वालों के खिलाफ चालान की कार्रवाई के लिए कहा। उन्होंने जिला पूर्ति अधिकारी को गोदामों की चेकिंग करने, आबकारी अधिकारी को प्रिंट मूल्य से अधिक धनराशि लिए जाने पर पैनी निगाह रखने और पटल सहायकों को लंबित पत्रों का शीघ्र निस्तारण करने को कहा। बैठक में संयुक्त मजिस्ट्रेट रानीखेत हिमांशु खुराना, एसडीएम विवेक रॉय, गौरव चटवाल, गोपाल राम, अवधेश कुमार, रजा अब्बास, पुलिस उपाधीक्षक आरएस टोलिया, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी मनोहर लाल, आपदा प्रबंधन अधिकारी राकेश जोशी, तहसीलदार खुशबू आयार्च, रानीखेत नितेश डांगर आदि विभागों के अधिकारी और कर्मचारी शामिल थे।