उत्तराखंड की संस्कृति और कला बचाने को एकजुट हों
अल्मोड़ा। ब्रजेंद्र लाल साह थिएटर सोसाइटी और दिव्य दीक्षा सेंटर फॉर परफॉर्मिंग के संयुक्त तत्वावधान में सात दिवसीय रंगमंच कार्यशाला शुरू हो गई है। कार्यशाला का शुभारंभ प्रसिद्ध संगीतज्ञ और लोक कलाकार स्व. मोहन उप्रेती के भाई भगवत उप्रेती ने किया। उन्होंने लोक कला के गिरते स्तर पर दुख जताते हुए युवाओं से उत्तराखंड की संस्कृति और कला को बचाने के लिए एकजुट होकर काम करने को कहा।
जाखनदेवी स्थित प्रवाह सदन में रंगमंच कार्यशाला में भगवत उप्रेती ने रंगकर्मियों से लोक कलाओं पर ज्यादा ध्यान देने की अपील की। उन्होंने यहां की ऐपण कला और लोक गाथाओं पर बड़े स्तर पर काम करने पर जोर दिया। कार्यक्रम में दिव्य दीक्षा सेंटर फॉर परफॉर्मिंग आर्ट की दिव्या उप्रेती, दीक्षा उप्रेती, आशा उप्रेती, कुमार मनीष और ब्रजेंद्र लाल साह थिएटर सोसाइटी से जुड़े हिमांशु कांडपाल, भाष्करानंद ने भी विचार रखे। इस दौरान डॉ. निर्मल पंत, गीता दुर्गापाल, जानकी तिवारी, हेम चंद्र, गिरीश, तनुज, रक्षित और खुशाल आदि थे।
इधर फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी में रुचि रखने वाले युवाओं के लिए दर्पण समिति के तत्वावधान में कार्यशाला शुरू हो गई है। समिति की सचिव विभु कृष्णा ने बताया कि कार्यशाला में बाहर से आई टीम द्वारा युवाओं को एनिमेशन, ग्राफिक्स, एडिटिंग के अलावा फीचर फिल्म और डॉक्यूमेंट्री दिखाकर बारीकियों से अवगत कराया जा रहा है। इसके अलावा कैमरा, फोटो शूट, वीडियो शूट की आधुनिक जानकारी भी दी जा रही है। उन्होंने बताया कि कार्यशाला तीन जुलाई तक चलेगी।