रानीखेत (अल्मोड़ा)। रानीखेत में 128 साल पुरानी रावण परिवार शोभायात्रा की परंपरा इस बार टूट गई। शहर की खस्ताहाल सड़कों और जगह-जगह बने गड्ढों के कारण इस वर्ष रावण शोभायात्रा नहीं निकाली गई। शोभायात्रा में रावण के पुतले को ले जाने वाली पहियों की गाड़ी के सड़क पर फंसने और उसे आगे बढ़ाने में होने वाली परेशानी को देखते हुए यह निर्णय लिया गया। आयोजन समिति के अध्यक्ष जयंत रौतेला ने बताया कि कोविड काल को छोड़कर हर वर्ष रानीखेत में रावण शोभायात्रा निकाली जाती रही है। हालांकि, इस बार सड़कों की खराब स्थिति के चलते शोभायात्रा निकालना मुश्किल था। सभी की सहमति के बाद शोभायात्रा नहीं निकालने का निर्णय लिया गया। वर्षों पुरानी परंपरा के इस तरह रुकने से आयोजन से जुड़े लोगों और स्थानीय लोगों में निराशा रही।
मुख्यमंत्री ने सड़कों को गड्ढामुक्त बनाने की बात कही थी लेकिन 15 अक्तूबर की समय सीमा बीतने के बाद भी रानीखेत की सड़कों की स्थिति में सुधार नहीं हुआ। खस्ताहाल सड़कों के कारण 128 साल पुरानी रावण शोभायात्रा का नहीं निकल पाना चिंताजनक है। भगवान राम के आदर्शों की बात करने वाली सरकार के कार्यकाल में धार्मिक परंपरा से जुड़े आयोजन का सड़क की बदहाली के कारण प्रभावित होना विचारणीय है। -दीपक पंत, निवर्तमान उपाध्यक्ष व्यापार मंडल रानीखेत
रानीखेत में वर्षों से रावण शोभायात्रा निकाली जाती रही है। इस बार सड़कों पर गड्ढे होने और पुतले को ले जाने वाली गाड़ी के फंसने की आशंका के चलते शोभायात्रा निकालना संभव नहीं हो पाया। यह परंपरा क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ी है। भविष्य में ऐसी स्थिति न बने, इसके लिए संबंधित विभागों को समय रहते सड़कों की मरम्मत करानी चाहिए। -विनीत चौरसिया, सचिव रामलीला एवं दशहरा आयोजन समिति रानीखेत
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सड़कों पर जल्द ही हॉटमिक्स का कार्य शुरू किया जाएगा। सड़क सुधारीकरण के बाद लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी और यातायात सुगम हो सकेगा। कार्य पूरा होने से सड़क पर गड्ढों की समस्या से राहत मिलने के साथ ही स्थानीय लोगों और पर्यटकों को भी बेहतर यातायात सुविधा मिल सकेगी। -अजय टम्टा, एई प्रांतीय खंड, लोनिवि रानीखेत