अल्मोड़ा। उत्तराखंड में यौन अपराध बढ़ने को लेकर अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति ने चिंता जताई है। उन्होंने इस ओर महिला सुरक्षा की तमाम एजेंसियों द्वारा कोई कारगर कदम नहीं उठाए जाने से नाराजगी जताते हुए राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर हाल की घटनाओं की उच्च स्तरीय जांच कराने, तमाम महिला सुरक्षा एजेंसियों को सक्रिय कर संवेदनशील बनाने, पीड़ित परिवारों को समुचित सुरक्षा प्रदान कर उचित मुआवजा दिलाए जाने और जस्टिस वर्मा कमेटी की सिफारिशों को सख्ती से लागू करवाने की मांग की है।
राष्ट्रपति के नाम भेजे ज्ञापन में जनवादी महिला समिति ने बीते 17 अगस्त को उत्तरकाशी के एक गांव में दलित बालिका से दुराचार और उसकी हत्या को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि समिति इस तरह की घटनाओं की घोर निंदा करती है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य की राजधानी देहरादून के राष्ट्रीय दृष्टि बाधित संस्थान में छात्र-छात्राओं का लंबे समय से उत्पीड़न और यौन शोषण की घटनाएं सामने आ रही हैं। जिससे राज्य में महिलाओं और बच्चों में असुरक्षा का खतरा बढ़ गया है।
उन्होंने राष्ट्रपति से पीड़ित परिवारों को सुरक्षा और उचित मुआवजा दिए जाने के अलावा अपराधियों पर कठोर कार्रवाई करने की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में समिति की प्रांतीय महासचिव सुनीता पांडे, अध्यक्ष राधा नेगी, जिला उपाध्यक्ष चंद्रा राना, मुन्नी प्रसाद आदि शामिल थीं।