अल्मोड़ा। जिला व्यापार मंडल की बैठक में वक्ताओं ने 28वीं जीएससी काउंसिल की बैठक में उत्तराखंड राज्य के लिए अन्य राज्यों की तर्ज पर जीएसटी में पंजीकरण की सीमा दस लाख से बढ़ाकर 20 लाख रुपये करने पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि इससे गरीब और छोटे व्यापारियों को राहत मिलेगी।
उन्होंने कहा कि प्रांतीय पदाधिकारी जीएसटी पंजीकरण के लिए दस लाख रुपये की सीमा बढ़ाकर अन्य राज्यों की तरह 20 लाख रुपये करने के लिए संघर्षरत रहे। समय-समय पर संबंधित विभाग, केंद्र सरकार और राज्य पर दबाव बनाए रखा। व्यापारियों के दबाव पर 28वीं जीएससी काउंसिल की बैठक में उत्तराखंड राज्य के लिए अन्य राज्यों की तर्ज पर जीएससी में पंजीकरण की सीमा दस लाख से बढ़ाकर 20 लाख रुपये कर दी गई है। जीएसटी की सीमा 20 लाख होने से छोटे व्यापारियों को लाभ तो होगा। उन्होंने कंपोजिशन स्कीम को एक करोड़ से डेढ़ करोड़ करने और पांच करोड़ तक के सालाना टर्न ओवर वाले व्यापारियों के लिए त्रैमासिक विवरण दाखिल करने की सुविधा प्रदान करने पर वित्त मंत्री और केंद्र सरकार का आभार जताया।
उन्होंने कहा कि कंपोजिशन स्कीम में किसी माह कारोबार शून्य है तो उस माह रिटर्न भरने की छूट प्रदान की जाए। व्यापारी को मात्र एक एसएमएस भेज कर ही रिटर्न की औपचारिकता पूरी करने की व्यवस्था लागू की जाए। उन्होंने जीएसटी छूट की सीमा 20 लाख होने पर प्रदेश अध्यक्ष अनिल गोयल, महामंत्री नवीन वर्मा, जीएसटी के प्रदेश प्रभारी राजेश अग्रवाल आदि का आभार जताया। बैैठक में जिलाध्यक्ष हरेंद्र वर्मा, जिला महामंत्री मनीष जोशी, कार्यकारी अध्यक्ष संजय अग्रवाल, जिला प्रभारी अनूप गुप्ता, कोषाध्यक्ष कमल गुप्ता, उपाध्यक्ष हरिकिशन खत्री, दीप लाल साह, दिनेश मठपाल, कमल बिष्ट, प्रताप कनवाल, चंपा जोशी, गिरिराज शाह, दाऊद इस्लाम, चिरंजीलाल वर्मा, किरन शाह, गणेश जोशी, संदीप गुप्ता, दीप चंद्र जोशी आदि मौजूद थे।