अल्मोड़ा। सायं के समय ताकुला बसौली क्षेत्र में मूसलाधार बारिश हुई। गणानाथ नदी के उफान पर आने से बसौली, डोटियालगांव और भैसोड़ी गांव में काश्तकारों की धान की नर्सरी को काफी नुकसान हुआ है। वहीं ताकुला-बागेश्वर मार्ग के किनारे आधा दर्जन पेड़ धराशायी हो गए।
सायं साढ़े तीन बजे से करीब पांच बजे तक बसौली और ताकुला क्षेत्र में मूसलाधार बारिश हुई। बारिश से गणानाथ नदी उफान पर आ गई। बसौली, डोटियालगांव और भैसोड़ी गांव में काश्तकारों की सिंचित भूमि है। इन दिनों काश्तकारों ने धान की नर्सरी बोई हुई है। गणानाथ नदी के उफान पर आने से भूकटाव हो गया और धान की नर्सरी को काफी नुकसान पहुंचा है।
वहीं तेज हवाएं चलने से ताकुला-बागेश्वर मार्ग के किनारे करीब आधा दर्जन पेड़ धराशायी हो गए। हालांकि कोई जनहानि नहीं हुई। भेटुली के समीप गिरे पेड़ को लोगों ने किनारे किया। पेड़ गिरने के दौरान कुछ देर मार्ग में यातायात भी प्रभावित रहा। हालांकि कोई जनहानि नहीं हुई। इधर कांग्रेस नेता राजेंद्र बाराकोटी और दिनेश पिलख्वाल ने प्रशासन से क्षति का आंकलन कर काश्तकारों को मुआवजा दिलाने की मांग की है।