अल्मोड़ा। सरकार और प्रशासन द्वारा बड़े स्तर पर दिव्यांगों के लिए शिविर आयोजित करने के बाद भी जिले में ऐसे कई दिव्यांग हैं जिन्हें पेंशन नहीं मिल पा रही है। जिले में करीब पांच हजार से अधिक दिव्यांग हैं, लेकिन इनमें सैकड़ों दिव्यांगों को पिछले छह माह से पेंशन नहीं मिली है।
दिव्यांगों को प्रत्येक सरकारी योजनाओं, नौकरियों आदि में विशेष लाभ दिए जाने का प्रावधान है। सरकार की ओर से भी कई योजनाएं इनके कल्याण के लिए चलाई गई हैं। जिसके लिए जिला स्तर पर भी प्रशासन द्वारा शिविरों का आयोजन किया जाता है, तो भी कई ऐसे दिव्यांग हैं जिन्हें न तो योजनाओं की जानकारी है और न इनका लाभ मिल पा रहा है। वर्तमान में जिले में 5510 दिव्यांग पंजीकृत हैं। इनमें से करीब तीन सौ से अधिक दिव्यांगों का पेंशन आधार कार्ड नहीं बना है जिससे इन्हें पेंशन नहीं मिल पा रही है। पेंशन नहीं मिलने से दिव्यांगों तो परेशान हैं ही उनके परिजनों को भी बार-बार समाज कल्याण विभाग के चक्कर काटने पड़ रहे हैं, क्योंकि कई दिव्यांग ऐसे हैं जो चलने फिरने में असमर्थ हैं।
समाज कल्याण विभाग का कहना है कि पेंशन के लिए विकलांगों के पास आधार कार्ड नहीं होने के कारण यह दिक्कत आ रही है। दिव्यांग और असमर्थ वरिष्ठतम नागरिकों के लिए आधार कार्ड घर-घर जाकर बनाने का काम भी नहीं हो रहा है। इधर समाज कल्याण अधिकारी जगमोहन सिंह कफोला ने बताया कि जिले में 5510 विकलांगों में से 327 विकलांगों को पिछले करीब छह माह से पेंशन नहीं मिली है। क्योंकि पूर्व में जारी निर्देशों के कारण दिव्यांगों को आधार कार्ड के बगैर पेंशन नहीं मिल पा रही थी, लेकिन अब शासन स्तर से शिथिलिकरण कर दिया गया है। अब ब्लॉक स्तर पर भौतिक सत्यापन किया जा रहा है उसके बाद फरवरी में जिन विकलांगों को पेंशन नहीं मिल सकी है उन्हें पेंशन दे दी जाएगी।