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ग्रामीणों ने तहसील में दिया धरना, सरकार के खिलाफ नारेबाजी

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मौलेखाल (अल्मोड़ा)। सल्ट तहसील के विभिन्न गांवों के ग्रामीणों ने कुलोली-मुनड़ा-देवीखाल मोटर मार्ग का सर्वे गलत तरीके से करने का आरोप लगाते हुए बुधवार को तहसील मुख्यालय में प्रदर्शन किया। उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर तहसील प्रांगण में धरना दिया। धरना स्थल पर हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि यदि उपरोक्त सड़क का दोबारा सर्वे नहीं किया गया तो ग्रामीण उग्र आंदोलन करेंगे।
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उन्होंने कहा कि 2004-05 में कुलोली-मुनड़ा-देवीखाल मोटर मार्ग की घोषणा हुई थी। घोषणा के बाद 2012 में सड़क का सर्वे किया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि 2017 में पुन: सड़क का सर्वे किया गया। इस सर्वे में औलेख, डहला, जसपुर तल्ला, सिमल जसपुर, कोत्यना, मलबाखली, बरहलिया, टीट, कुनियाचौड़ आदि गांवों को छोड़ दिया गया है, जबकि पहले सर्वे में इन गांवों से होते हुए सड़क का सर्वे किया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ नेताओं को व्यक्तिगत लाभ पहुंचाने के लिए गलत तरीके से सर्वे कर दिया गया है।

कागजों में वंचित गांवों को भी सड़क से लाभान्वित दिखाया गया है जबकि हकीकत कुछ और है। उन्होंने कहा कि यदि दोबारा सर्वे नहीं हुआ तो ग्रामीण उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
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धरने पर जिला पंचायत सदस्य नारायण सिंह रावत, अर्जुन सिंह रावत, प्रहलाद सिंह रावत, प्रधान संगठन के अध्यक्ष गोपाल सिंह रावत, प्रधान किशन राम, कैलाश गिरि, देवेंद्र कुमार, चंदन सिंह, शिव दत्त, भावना देवी, पुष्पा देवी, लक्ष्मी देवी, जीवन सिंह, राम दत्त, मुन्नी देवी, हंसी देवी, लीला देवी, राधा देवी, धना देवी, पुष्पा देवी आदि बैठे। इस मौके पर लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता नरेंद्र सिंह रावत ने आंदोलनकारियों को सड़क का दोबारा सर्वे करने का आश्वासन दिया। ग्रामीणों ने उप जिलाधिकारी गोपाल राम बिनवाल के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा।
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