जैंती(अल्मोड़ा)। उत्तराखंड राज्य बनने के बाद जैंती तहसील क्षेत्र में कोल्ड स्टोर बनने की उम्मीद थी, लेकिन 17 साल बीत जाने के बाद भी कोल्ड स्टोर नहीं बन पाया है। कोल्ड स्टोर नहीं होने के कारण काश्तकार फल और सब्जी आदि का भंडारण नहीं कर पाते हैं। इस कारण उन्हें उत्पादित माल को औने पौने दामों में बेचना पड़ता है। ऐसी स्थिति में काश्तकारों को उत्पादित फसल का लागत मूल्य भी नहीं मिल पाता है।
जैंती तहसील क्षेत्र के अंतर्गत गजार, पूनागढ़, डामर, चौखुटिया, चायखान, मोतियापाथर, नाटाडोल, भांगादयोली, मेरगांव, डोल, शहरफाटक, लमगड़ा, ठाठ, कल्टानी, जलना, पौधार, गड़ापानी, छड़ौजा, बेडचूला, पजैना, ज्वारनेडी, कुटौली, खांकर, सिल्पड़ आदि क्षेत्र में आलू, सेब, नाशपाती तथा जैंती, कांडे, भट्यूड़ा, बकस्वाड़, सेल्टाचापड़, स्योड़ा, उड्यारी, दाड़िमी, कुंज, बांजधार, बिनौला, भाबू, बिराड़ आदि क्षेत्रों में नींबू, माल्टा, नाशपाती, केला, अनार, दाड़िम, संतरा, आडू, खुबानी, अंगूर आदि का काफी मात्रा में उत्पादन किया जाता है। क्षेत्र में कोल्ड स्टोर नहीं होने के कारण काश्तकार उत्पादित फल और सब्जी आदि का भंडारण नहीं कर पाते हैं। इस कारण उन्हें फल, सब्जी सस्ते दामों में बेचना पड़ता है।
ऐसे में काश्तकारों को फसल का लागत मूल्य भी नहीं मिल पाता है। नाटाडोल निवासी रमेश चंद्र मेलकानी ने कहा कि काश्तकार काफी लंबे समय से क्षेत्र में कोल्ड स्टोर बनाने की मांग करते आ रहे हैं, लेकिन अब तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई है। तहसील क्षेत्र में कोल्ड स्टोर बनने पर स्थानीय किसानों को सब्जी और फल उत्पादन के भंडारण में दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ेगा।