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सैकड़ों दिव्यांगों को एक साल से नहीं मिली पेंशन

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अल्मोड़ा। जिले में करीब पांच हजार से अधिक दिव्यांग हैं। जिन्हें हर रोज नई-नई मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। हालांकि दिव्यांगों को प्रत्येक सरकारी योजनाओं, नौकरियों आदि में विशेष लाभ दिए जाने का प्रावधान है, लेकिन दिव्यांगों को कुछ योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। वर्तमान में करीब 450 दिव्यांगों का पेंशन आधार कार्ड नहीं होने से पेंशन नहीं मिल पा रही है। जिससे दिव्यांग और उनके परिजन परेशान हैं।
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तीन दिसंबर को विश्व विकलांग दिवस मनाया जाता है। इस दौरान दिव्यांगों के प्रति संवेदनशीलता के दावे करते हुए सरकार और प्रशासन द्वारा बड़े स्तर पर दिव्यांगों के लिए शिविर और अन्य कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है, लेकिन हकीकत यह है कि अक्तूबर 2016 से जिले के करीब 450 दिव्यांगों को पेंशन नहीं मिल सकी है। यह पेंशनर ऐसे हैं जो चलने फिरने में असमर्थ हैं। समाज कल्याण विभाग द्वारा वर्तमान में दिव्यांगों को एक हजार रुपये प्रतिमाह पेंशन दी जाती है। विभाग द्वारा बताया जा रहा है कि पेंशन आधार कार्ड नहीं होने के कारण कुछ दिव्यांगों को पेंशन नहीं मिल पा रही है। उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष पीसी तिवारी का कहना है कि ऐसे में विश्व विकलांग दिवस मनाने का औचित्य ही क्या जब विकलांगों को दी जाने वाली सुविधा ही उन्हें नहीं मिल पा रही हो। उनका कहना है कि सरकार और प्रशासन को दिव्यांग और असमर्थ वरिष्ठतम नागरिकों के लिए आधार कार्ड घर-घर जाकर बनाने के लिए निर्देशित करना चाहिए।

इधर समाज कल्याण विभाग के जिला प्रोवेशन अधिकारी राजीव नयन तिवारी का कहना है कि करीब 10 प्रतिशत दिव्यांगों की आधार कार्ड नहीं होने के कारण पेंशन रुकी हुई है। विभाग द्वारा बीमार या चलने फिरने में असमर्थ दिव्यांगों की सूची बनाई जा रही है। इसके बाद इसे शासन को भेजकर रियायत देने की मांग की जाएगी। इसके अलावा समाज कल्याण विभाग जिले में वास्तविक दिव्यांगों की गणना के लिए दोबारा से सत्यापन अभियान चलाने जा रहा है, ताकि सही व्यक्ति को लाभ मिल सके।
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