तिमली-चचरोटी पेयजल योजना के पाइप फटने से जलापूर्ति ठप
इलाके के हैंडपंप खराब होने से वाहन बुक कर करना पड़ रहा है पानी का इंतजाम
संवाद न्यूज एजेंसी
मौलेखाल (अल्मोड़ा)। स्याल्दे विकासखंड के 12 से अधिक गांवों की प्यास बुझाने वाली तिमली-चचरोटी पेयजल योजना के पाइप फटने से पिछले एक सप्ताह से इलाके में पानी नहीं आया है। इन गांवों की 5000 की आबादी बारिश के बाद भी पानी के लिए तरस गई है।
स्याल्दे के खटलगांव, जसपुर, भाकूड़ा, पैठाना, तिमली, चचरोटी सहित 12 से अधिक गांवों के ग्रामीणों को जलापूर्ति करने के लिए 45 साल पहले विनोद नदी से तिमली-चटरोटी पेयजल योजना का निर्माण किया गया। एक सप्ताह पूर्व पुरानी हो चुकी योजना के पाइप फटने से जलापूर्ति ठप हो गई, इसे अब तक ठीक नहीं किया जा सका। आपातकाल में ग्रामीणों की जरूरत को पूरा करने के लिए तिमली, चंपानगर में हैंडपंप स्थापित किए गए हैं जो लंबे समय से खराब हैं। इस कारण लोगों को वाहन बुक कर पानी का इंतजाम करना पड़ रहा है।
आरोप, एक दिन ही भेजा टैंकर
क्षेत्र के लोगों का आरोप है कि शिकायत के बाद भी क्षेत्र में टैंकर नहीं भेजे जा रहे हैं। बताया कि सिर्फ एक दिन टैंकर भेजकर औपचारिकता निभा दी गई। ऐसे में क्षेत्र की बड़ी आबादी पानी के लिए जूझ रही है।
कोट-पुरानी योजना के पाइप फटने से दिक्कत आई है। लाइन को ठीक कर टैंक तक जलापूर्ति सुचारू कर दी गई है। जल्द लोगों को योजना से पानी मिलेगा। वहीं, खराब हैंडपंपों को भी ठीक किया जाएगा।- अनुज खाती, एई, जल संस्थान, रानीखेत।