सोमेश्वर तहसील के दडमेजर में अधूरा पड़ा शौचालय।
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स्वच्छ भारत अभियान के तहत सरकार ने प्रदेश को ओडीएफ घोषित कर दिया है, लेकिन सच्चाई यह है कि आज भी कई परिवार शौचालय विहीन हैं। सोमेश्वर तहसील के अंतर्गत ग्राम सभा मल्ला खोली के दडमेजर और बुडेजर तोक में अनुसूचित जाति के कुल 36 परिवार रहते हैं। जिसमें 12 परिवारों के पास शौचालय नहीं है। दोनों तोक जंगल से सटे हैं। शौचालय विहीन परिवारों के लोग शौच के लिए जंगल जाते हैं। खुले में शौच करने से गंदगी होने के साथ ही पर्यावरण भी दूषित हो रहा है।
अमर उजाला टीम ने दडमेजर और बुडेजर गांवों का मुआयना किया तो चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई । सरकार के खुले में शौच मुक्त करने के दावे हवा-हवाई निकले। दड़मेजर में अनुसूचित जाति के 18 परिवार निवास करते हैं। जिसमें आठ परिवार ऐसे हैं जिनके पास शौचालय नहीं हैं। कुछ परिवारों के शौचालय अधूरे बने हैं। दड़मेजर में विशन राम, आनंदी देवी, दिवान राम, कैलाश राम, पूरन राम, नर राम, दीवान राम, जगदीश राम के पास शौचालय और स्नानागार नही हैं। शौचालय विहीन परिवार के लोग शौच के लिए जंगल में जाते हैं। गांव में कूड़ा निस्तारण की कोई व्यवस्था नहीं है। ग्रामीण गांव के गधेरे में खुले स्थान पर कूड़ा निस्तारण करते हैं। मोहन राम और देबुली देवी के शौचालय अधूरे पड़े हैं। मोहन राम ने कहा कि वह वृद्ध होने के कारण काम करने में समर्थ नहीं हैं। इस कारण उसकी आर्थिक स्थिति खराब हो गई है। जिससे वह शौचालय नहीं बना पा रहा है। आनंदी देवी ने बताया कि उसके पति की मौत हो चुकी है। उसके पास रोजगार नहीं है। आर्थिक स्थिति इतनी खराब हो गई है कि वह शौचालय बनाने में असमर्थ है।
अल्मोड़ा-कौसानी मोटर मार्ग से तीन किमी दूरी पर बुडेजर तोक हैं। यहां 18 अनुसूचित जाति के परिवार रहते हैं। जिसमें चार परिवार शौचालय विहीन हैं। इस गांव में पानी की भारी किल्लत है। ग्रामीण एक से डेढ़ किमी दूर प्राकृतिक स्रोत से पानी ढोते हैं। गांव में शौचालय तो बने हैं, लेकिन पानी की कमी के कारण ग्रामीण शौचालय का प्रयोग नहीं कर पा रहे हैं। शौच के लिए ग्रामीण जंगल जाते हैं। दोनों तोकों में सार्वजनिक शौचालय और स्नानागार नहीं है। खासकर विवाह समारोह और अन्य कार्यक्रमों में मेहमान भी खुले में शौच करते हैं। इस कारण काफी गंदगी हो जाती है।
मार्गों में पड़ी गंदगी खोल रही है ओडीएफ की पोल
सोमेश्वर। दड़मेजर तोक में सफाई व्यवस्था बदहाल है। गांव को जाने वाले मार्ग में जगह-जगह गंदगी पड़ी मिली। मार्ग पर भी जहां-तहां कूड़ा पड़ा था। खुले स्थान पर शौच करने से जहां गंदगी बढ़ रही है वहीं पर्यावरण भी लगातार दूषित हो रहा है।