अल्मोड़ा। गायत्री परिवार ने छह अप्रैल से शुरू होने जा रहे चैत्र नवरात्र के दौरान चितई, गैराड आदि मंदिरों में पशु बलि पर रोक लगाने की मांग की है। उन्होंने इस मामले में जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया है।
उन्होंने कहा कि गायत्री परिवार 2002 से मंदिरों में पशुबलि रोकने के लिए संघर्षरत है। जनजागरण और प्रशासन के सराहनीय प्रयास से पशु बलि में भारी कमी आई है। उच्च न्यायालय ने पशु बलि रोकने के आदेश दिए थे लेकिन कई लोग नवरात्रों में पशु बलि के लिए बकरों को मंदिर में ले आ रहे हैं।
नवरात्र में चितई स्थित ग्वल देवता मंदिर के पिछले गेट की तरफ पर्याप्त संख्या में पुलिस बल नियुक्त किया जाए। मंदिरों में नशा करके आने वाले लोगों पर सख्ती की जाए।
गैराड ग्वल देवता मंदिर में भी पशु बलि पर रोक लगाई जाए। झांकरसैम, उदयपुर, बिंता के ग्वल देवता मंदिर, देघाट स्थित देवी मंदिरों में भी पशु बलि पर पूर्ण रोक लगाई जाए। ज्ञापन देने वालों में मंजू जोशी, जसपाल नेगी, हरीश बिष्ट, राम सिंह बिष्ट, इंद्रा गनघरिया, डीडी तिवारी, जीवन गुप्ता, मीनू भट्ट, मोहन पांडे, भीम सिंह अधिकारी, डॉ. जेसी दुर्गापाल आदि शामिल थे।