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भारतीय वन अधिनियम में संशोधन का विरोध

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अल्मोड़ा। उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी की बैठक में भारतीय वन अधिनियम 1927 में केंद्र सरकार द्वारा संशोधन करने और जनता के अधिकार समाप्त करने की कोशिश का विरोध किया है। पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष पीसी तिवारी ने कहा कि राज्य में 71 प्रतिशत वन भूमि है ऐसी स्थिति में संशोधन से लोगों का जीवन दूभर हो जाएगा।
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उन्होंने उत्तराखंड सरकार से इस तरह के किसी प्रस्ताव को केंद्र सरकार के वन और पर्यावरण मंत्रालय को भेजने से पहले जनता की राय लेने की अपील की है। उन्होंने कहा कि उपपा केंद्र सरकार की इस तरह की मनमानी को बर्दाश्त नहीं करेगी।

उन्होंने कहा कि पार्टी केंद्र सरकार की ओर से भेजे गए प्रस्तावों का अध्ययन कर आवश्यकता पड़ने पर आंदोलन भी शुरू करेगी। बैठक में विमला आर्या, आनंदी वर्मा, प्रकाश उनियाल, राजू गिरी, रेखा धस्माना, रंजना सिंह, अमीनुर्रहमान, मनोज पंत, गोपाल राम, पूरन सिंह मेहरा, दिनेश जोशी आदि मौजूद थे।
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